कोंकणी भाषा : इतिहास, विकास, लिपि, वर्णमाला, शब्द-संरचना, वाक्य-रचना और साहित्यिक विरासत
कोंकणी भाषा भारत की पश्चिमी तटीय भूमि की आत्मा है। यह केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की वाहक भी है। कोंकण क्षेत्र के निवासियों की बोली और जीवनशैली में गहराई से रची-बसी यह भाषा भारत की भाषाई विविधता का एक उज्ज्वल उदाहरण प्रस्तुत करती है। कोंकणी, एक इंडो-आर्यन भाषा है, … Read more