भारत में लोकतंत्र की जड़ें गहरी हैं और इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी विधायी प्रणाली है। संसद से लेकर राज्य विधानसभाओं तक, देश की विधायी संस्थाएं हर दिन नागरिकों के हित में कानून बनाती हैं, नीति निर्माण करती हैं और प्रशासन की निगरानी करती हैं। लेकिन बदलते समय के साथ-साथ इन विधायी संस्थाओं को भी तकनीकी रूप से सशक्त और आधुनिक बनाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए “नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA)” की कल्पना की गई और उसे साकार किया गया।
क्या है नेशनल ई-विधान ऐप (NeVA)?
नेशनल ई-विधान ऐप (NeVA) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी और अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य देश की सभी विधानसभाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है। यह ऐप विधायकों और सांसदों को पारंपरिक कागज आधारित प्रक्रियाओं के स्थान पर एक डिजिटल और पेपरलेस विधायी अनुभव प्रदान करता है।
यह ऐप न केवल विधायी कार्यों को आसान और सुलभ बनाता है, बल्कि पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेही को भी बढ़ावा देता है। NeVA को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि यह डिवाइस-न्यूट्रल (Device Neutral) और सदस्य-केंद्रित (Member-Centric) रहे, यानी इसे मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप या डेस्कटॉप किसी भी डिवाइस पर आसानी से उपयोग किया जा सकता है।
NeVA का इतिहास और विकास यात्रा
नेशनल ई-विधान ऐप की नींव “डिजिटल इंडिया” मिशन के अंतर्गत रखी गई थी। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया का सपना देश के सामने रखा, तब यह स्पष्ट हो गया था कि शासन प्रणाली के हर पहलू को डिजिटल बनाना आने वाले समय की जरूरत है।
इस मिशन के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और लोकसभा सचिवालय ने मिलकर एक ऐसी प्रणाली के विकास की ओर कदम बढ़ाया जो देश की विधायिकाओं को भी डिजिटल बना सके। कई चरणों में इस प्रणाली पर काम किया गया और अंततः NeVA के रूप में इसे लागू किया गया।
नेशनल ई-विधान ऐप की विशेषताएँ (Key Features of NeVA)
NeVA (नेवा) को केवल एक सामान्य ऐप न मानें — यह एक समग्र डिजिटल पार्लियामेंट्री प्लेटफॉर्म है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
1. डिजिटल विधायी प्रक्रियाएँ
NeVA के माध्यम से सांसदों और विधायकों को उनके सभी विधायी कार्यों की डिजिटल जानकारी प्राप्त होती है। इसमें निम्नलिखित शामिल हैं:
- विधेयक (Bills)
- प्रश्नोत्तर (Questions and Answers)
- कार्यसूची (Agenda)
- बुलेटिन और सूचनाएं (Bulletins and Notices)
- समितियों की रिपोर्ट (Committee Reports)
- प्रस्तुत दस्तावेज़ (Tabled Documents)
- नियमावली (Rules and Procedures)
- सदस्यों का संपर्क विवरण
2. रियल टाइम डेटा एक्सेस
विधायक अपनी मोबाइल डिवाइस या टैबलेट से रियल टाइम में सदन की कार्यवाही देख सकते हैं, प्रश्न पूछ सकते हैं, उत्तर दे सकते हैं और दस्तावेज़ों का अवलोकन कर सकते हैं।
3. क्लाउड होस्टिंग पर आधारित
यह ऐप Meghraj National Cloud पर होस्ट किया गया है जो इसे सुरक्षित, आपदा-संरक्षित और स्केलेबल बनाता है। इससे डेटा लॉस की संभावना नगण्य हो जाती है और उच्च स्तर की सुरक्षा मिलती है।
4. सदस्यों के लिए विशेष इंटरफेस
प्रत्येक विधायक को एक कस्टमाइज्ड डैशबोर्ड मिलता है, जिसमें उनका व्यक्तिगत डेटा, कार्य प्रगति और विधायी विवरण उपलब्ध होता है।
5. बहुभाषी समर्थन
यह ऐप विभिन्न भारतीय भाषाओं का समर्थन करता है, जिससे देश के विभिन्न क्षेत्रों के विधायक आसानी से इसका उपयोग कर सकें।
NeVA (नेवा) के प्रमुख लाभ
1. पेपरलेस विधायिका की ओर कदम
NeVA के माध्यम से पारंपरिक कागजी दस्तावेजों की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाती है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण होता है, बल्कि दस्तावेज़ों के प्रबंधन में भी आसानी होती है।
2. समय और संसाधनों की बचत
प्रत्येक सत्र में हजारों पृष्ठ छपते थे। NeVA की वजह से अब यह प्रक्रिया डिजिटल हो गई है, जिससे समय और सरकारी खर्चों की बचत होती है।
3. प्रशासनिक दक्षता में वृद्धि
सरकारी विभाग अब डिजिटल माध्यम से ही विधायी कार्यों में भाग ले सकते हैं, जिससे फाइलों का ट्रैक रखना और समय पर उत्तर देना आसान हो जाता है।
4. सदस्यों की जवाबदेही में वृद्धि
चूंकि हर कार्य डिजिटल रिकॉर्ड में रहता है, इसलिए सदस्यों की उपस्थिति, प्रश्न पूछने की संख्या, विधेयकों में भागीदारी आदि का मूल्यांकन पारदर्शी रूप से किया जा सकता है।
दिल्ली | NeVA से जुड़ने वाली 28वीं विधानसभा
हाल ही में दिल्ली विधानसभा NeVA से जुड़ने वाली देश की 28वीं विधानसभा बन गई है। यह कदम राजधानी के लिए एक डिजिटल विधायी युग की शुरुआत है। दिल्ली के विधायकों को अब हर सत्र की कार्यसूची, प्रश्नोत्तर, विधेयक और दस्तावेज़ अपने टैबलेट या मोबाइल पर प्राप्त होंगे।
इस डिजिटल क्रांति से न केवल दिल्ली की विधानसभा अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनेगी, बल्कि नागरिकों को भी इसकी कार्यवाही की बेहतर समझ और पहुंच मिलेगी।
राष्ट्रीय स्तर पर NeVA की स्थिति
वर्तमान में भारत के कुल 36 राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों में से 28 विधानसभाएं NeVA से जुड़ चुकी हैं या जुड़ने की प्रक्रिया में हैं। कई राज्यों ने NeVA को अपनाकर अपने विधानसभा भवनों को पूरी तरह से ई-विधान भवन (Digital House) बना दिया है।
कुछ राज्यों ने इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया है, तो कई अन्य राज्यों ने अपने सभी सत्रों को डिजिटल माध्यम से संचालित करने की योजना बनाई है। केंद्र सरकार इसका विस्तार और प्रभावशाली क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ मिलकर कार्य कर रही है।
भविष्य की दिशा | NeVA की संभावनाएँ
NeVA न केवल वर्तमान की आवश्यकता है, बल्कि भविष्य की भी नींव है। इसके विस्तार की निम्नलिखित संभावनाएँ हैं:
1. सभी विधायी संस्थानों को जोड़ना
भविष्य में पंचायतों, नगर निगमों और जिला परिषदों को भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना बनाई जा सकती है।
2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एनालिटिक्स का समावेश
AI आधारित टूल्स द्वारा विधायी कार्यों का विश्लेषण, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान और सुझाव देना संभव हो सकेगा।
3. नागरिक सहभागिता को बढ़ावा
NeVA के माध्यम से नागरिकों को लाइव कार्यवाही देखने, विधेयकों पर प्रतिक्रिया देने और सवाल भेजने जैसे अधिकार भी दिए जा सकते हैं।
तकनीक से समृद्ध लोकतंत्र
नेशनल ई-विधान ऐप (NeVA) आज के समय की मांग है और “डिजिटल इंडिया” के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। यह न केवल विधायकों को तकनीक से जोड़ता है, बल्कि आम नागरिकों को भी अपनी विधायी संस्थाओं से जोड़ने की क्षमता रखता है।
इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्यों में इसके क्रियान्वयन को कितनी प्राथमिकता दी जाती है और विधायक इसे अपनी कार्यशैली में कितनी कुशलता से अपनाते हैं। लेकिन यह निश्चित है कि NeVA भारतीय लोकतंत्र को और अधिक सक्षम, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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