पार्कर सोलर प्रोब | सूर्य के रहस्यों को उजागर करने वाला ऐतिहासिक मिशन

सूर्य हमारे सौर मंडल का केंद्र है और इसका अध्ययन न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि मानव जीवन और प्रौद्योगिकी के संदर्भ में भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। नासा का पार्कर सोलर प्रोब (Parker Solar Probe) मिशन सूर्य के रहस्यों को उजागर करने के लिए समर्पित है। यह यान इतिहास में अब तक का सबसे तेज़ और सूर्य के सबसे करीब पहुंचने वाला अंतरिक्षयान है। हाल ही में, इसने सूर्य के एक और नज़दीकी सफर को सफलतापूर्वक पूरा किया, जिसमें यह सूर्य की सतह से मात्र 6.1 मिलियन किलोमीटर की दूरी तक पहुंच गया।

इस मिशन का उद्देश्य सूर्य के कोरोना, सौर हवा और इसके प्रभावों को समझना है। इससे हमें अंतरिक्ष मौसम (Space Weather) के प्रभावों को समझने और पृथ्वी पर इसके संभावित प्रभावों को नियंत्रित करने में सहायता मिलेगी। आइए, इस ऐतिहासिक मिशन की प्रमुख विशेषताओं और इसके महत्व को विस्तार से समझते हैं।

पार्कर सोलर प्रोब का परिचय

नासा के इस पार्कर सोलर प्रोब को 12 अगस्त 2018 को केप कैनावेरल एयर फ़ोर्स स्टेशन, फ्लोरिडा से लॉन्च किया गया था। इस यान को जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी एप्लाइड फिजिक्स लैबोरेटरी द्वारा डिज़ाइन, निर्मित और संचालित किया गया है।

इससे पहले इस मिशन को Solar Probe Plus कहा जाता था, लेकिन 2017 में इसे खगोल वैज्ञानिक यूजीन पार्कर (Eugene Parker) के सम्मान में पार्कर सोलर प्रोब नाम दिया गया। यूजीन पार्कर ने सबसे पहले सौर हवा (Solar Wind) के अस्तित्व की भविष्यवाणी की थी, जिसने खगोल विज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन किया। यह पहला अवसर था जब किसी अंतरिक्ष मिशन का नाम किसी जीवित वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया।

पार्कर सोलर प्रोब मिशन के लक्ष्य

इस ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन का उद्देश्य सूर्य और उसके वातावरण का गहन अध्ययन करना है। इसके मुख्य उद्देश्यों में शामिल हैं:

  1. सौर कोरोना (Solar Corona) का अध्ययन: यह यान सूर्य के अत्यधिक गर्म बाहरी वातावरण, जिसे कोरोना कहा जाता है, के तापमान और गतिविधियों को समझने का प्रयास कर रहा है।
  2. सौर हवा (Solar Wind) की उत्पत्ति और गति को समझना: सौर हवा आवेशित कणों की एक धारा होती है जो सूर्य से अंतरिक्ष में फैलती है और पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर को प्रभावित कर सकती है। पार्कर सोलर प्रोब यह समझने की कोशिश कर रहा है कि यह हवा कैसे उत्पन्न होती है और इसे ऊर्जा कहां से मिलती है।
  3. ऊर्जा प्रवाह की खोज: यह पता लगाना कि कौन-से कारक सौर कोरोना को गर्म करते हैं और सौर हवा को गति प्रदान करते हैं।
  4. सौर हवाओं की तस्वीरें लेना: यह यान सूर्य की हवाओं और उनके प्रभावों की उच्च-रिज़ॉल्यूशन तस्वीरें लेकर वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण डेटा प्रदान करता है।
  5. अंतरिक्ष पर्यावरण पर अध्ययन: पार्कर सोलर प्रोब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि सूर्य की गतिविधियाँ पृथ्वी के मैग्नेटोस्फीयर और अंतरिक्ष के वातावरण को किस प्रकार प्रभावित करती हैं।

पार्कर सोलर प्रोब मिशन | वैज्ञानिक महत्व

यह मिशन खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। इसके वैज्ञानिक महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है:

  • सौर तूफानों का पूर्वानुमान: अंतरिक्ष में सौर तूफान (Solar Storms) अक्सर उपग्रहों, अंतरिक्ष स्टेशनों और विद्युत ग्रिड को प्रभावित करते हैं। पार्कर सोलर प्रोब द्वारा प्रदान किए गए डेटा से हमें इन घटनाओं का पूर्वानुमान लगाने में मदद मिलेगी।
  • अंतरिक्ष यात्राओं में सुधार: सूर्य से निकलने वाली आवेशित कणों की धाराएं (सौर हवाएँ) अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती हैं। इस मिशन से मिली जानकारी के आधार पर सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाया जा सकता है।
  • सौर प्रणाली की उत्पत्ति को समझना: सूर्य हमारे सौर मंडल का केंद्र है और इसकी गतिविधियों का अध्ययन हमें हमारी सौर प्रणाली के विकास को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा।
  • तकनीकी सुधार: यह मिशन अंतरिक्ष में हाई-टेक इंस्ट्रूमेंट्स और थर्मल शील्ड टेक्नोलॉजी को परखने का भी एक मंच है, जिससे भविष्य की अंतरिक्ष तकनीक में सुधार किया जा सकता है।

पार्कर सोलर प्रोब की प्रमुख विशेषताएँ

  • सूर्य के सबसे करीब जाने वाला अंतरिक्षयान: यह यान सूर्य की सतह से मात्र 6.1 मिलियन किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुका है, जो अब तक का सबसे निकटतम रिकॉर्ड है।
  • सबसे तेज़ गति वाला अंतरिक्षयान: पार्कर सोलर प्रोब अब तक का सबसे तेज़ अंतरिक्षयान है। यह सूर्य के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश करने के कारण लगभग 700,000 किलोमीटर प्रति घंटे की अविश्वसनीय गति तक पहुंच सकता है।
  • अत्यधिक गर्मी सहन करने की क्षमता: सूर्य के अत्यधिक तापमान से बचाने के लिए इस यान को 4.5 इंच मोटी कार्बन-कम्पोज़िट थर्मल शील्ड से लैस किया गया है, जो 1,377°C तक की गर्मी सहन कर सकती है।
  • विज्ञान के लिए क्रांतिकारी डेटा संग्रह: यह यान अपने चार प्रमुख उपकरणों (FIELDS, WISPR, SWEAP, ISʘIS) के माध्यम से उच्च-गुणवत्ता का डेटा एकत्र करता है।

पार्कर सोलर प्रोब मिशन | भविष्य में संभावनाएँ

पार्कर सोलर प्रोब अपने मिशन के तहत सूर्य के और भी निकटतम बिंदु तक पहुंचेगा और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक डेटा भेजता रहेगा। इससे खगोलविदों को सौर हवाओं की उत्पत्ति, उनकी संरचना और उनके प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता मिलेगी। इसके अध्ययन से अंतरिक्ष में भविष्य की खोजों के नए द्वार खुल सकते हैं और पृथ्वी पर होने वाले प्रभावों को नियंत्रित करने के उपाय विकसित किए जा सकते हैं।

पार्कर सोलर प्रोब मिशन विज्ञान और तकनीक का एक अद्भुत उदाहरण है। यह हमें सूर्य के रहस्यों को उजागर करने में मदद कर रहा है और अंतरिक्ष में मानवता की समझ को एक नई दिशा प्रदान कर रहा है। यह मिशन भविष्य में अंतरिक्ष अन्वेषण और पृथ्वी पर अंतरिक्ष मौसम की समझ को और अधिक उन्नत बनाएगा। पार्कर सोलर प्रोब न केवल वैज्ञानिकों के लिए बल्कि पूरी मानवता के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

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