अजातशत्रु | Ajatashatru | 493 – 460 ई.पू.

अजातशत्रु

अजातशत्रु (Ajatashatru) हर्यक वंश के प्रथम शासक बिंबिसार के पुत्र थे। अपने पिता को मौत के घाट उतारकर मगध के राजा बने। अजातशत्रु का अर्थ होता हैं “शत्रुविहीन” अर्थात् जिसका कोई दुश्मन या शत्रु पैदा नहीं हुआ हो।

बिम्बिसार | Bimbisara | 546 – 494 ईसा पूर्व

Bimbisara बिम्बिसार (546 – 494 ईसा पूर्व)

बिम्बिसार Bimbisara 52 साल तक 544 BC से 492 BC तक शासन किया। इसको इसके ही पुत्र अजातशत्रु (492-460 BC) ने बंदी बना लिया और हत्या कर दी। वह हर्यंक राजवंश से था।

मगध साम्राज्य | Magadha Empire | 1700-322 BC

मगध साम्राज्य

बिहार के पटना तथा गया जनपदों की भूमि में स्थित मगध प्राचीन भारत का एक महत्वपूर्ण राज्य रहा है। युद्धकाल में मगध एक शक्तिशाली तथा संगठित राजतन्त्र के रूप में दिखता है। कालान्तर में मगध का उत्तरोत्तर विकास हुआ और एक प्रकार से मगध का इतिहास सम्पूर्ण भारत का इतिहास बन गया। मगध साम्राज्य ने … Read more

मगध महाजनपद | Magadha Mahajanpadas | 544-322 ई. पू.

मगध महाजनपद

मगध महाजनपद दक्षिण बिहार के वर्तमान  पटना व गया जिले में  स्थित था। मगध महाजनपद सभी 16 महाजनपदों में सबसे शक्तिशाली जनपद के रूप में उभरा। मगध धीरे धीरे अन्य सभी राज्यों को स्वंय में समाहित कर भारत का प्रथम साम्राज्य बना। मगध का सर्वप्रथम उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है । इससे पता चलता है … Read more

जनपद एवं महाजनपद | Janpadas and Mahajanapadas | 600-325 ई. पू.

जनपद और महाजनपद

जनपद एवं महाजनपद की शुरुआत वैदिक सभ्यता के पश्चात छठी शताब्दी ईसा पूर्व के लगभग हो चुकी थी। वैदिक सभ्यता के पश्चात छठी शताब्दी ईसा पूर्व के लगभग लोग छोटे-छोटे समूहों में नदियों के किनारे बसने लगे थे, इन स्थानों को ‘जनपद’ कहा जाता था। ये लोग ‘आर्य’ कहलाते थे। आर्य का शाब्दिक अर्थ ‘श्रेष्ठ’ होता है। आर्य जातियों के परस्पर … Read more

धार्मिक आन्दोलन | Religious Movements | 600 ईसा पूर्व

धार्मिक आन्दोलन Religious Movements

धार्मिक आन्दोलन (Religious Movements) के छठी शताब्दी ईसा पूर्व दुनिया के विभिन्न हिस्सों में कई धार्मिक आंदोलनों का गवाह बना। इओनिया द्वीप में हेराक्लिटस, फारस में जोरोस्टर और चीन में कन्फ्यूशियस ने नए सिद्धांतों का प्रचार किया। भारत में भी, नए विचारों का उथल पुथल हुआ, जिससे नए दार्शनिक सिद्धांतों और धार्मिक संप्रदायों का उदय हुआ।

उत्तर वैदिक काल | 1000-500 | ई.पू. The Post Vedic Age

उत्तर वैदिक काल (1000-500) ई.पू. Post Vedic Age

उत्तर वैदिक काल का समय 1000 ई.पू.से 600 ई. पू. तक माना जाता हैं। कही-कही उत्तर वैदिक काल का समय 1000 ई.पू.से 500 ई. पू. तक माना गया हैं।

पूर्व वैदिक अथवा ऋग्वेदिक काल | The Early Vedic Age |1500-1000 ई.पू.

पूर्व वैदिक अथवा ऋग्वेदिक काल | The Early Vedic Age |1500-1000 ई.पू.

पूर्व वैदिक काल वैदिक काल के शुरुआत के समय को कहते है। वैदिक संस्कृति का एकमात्र स्रोत वैदिक साहित्य है। इनमें चार वेद (संहिता भी कहे जाते हैं), ऋग्वेद, साम-वेद, यजुर-वेद और अथर्व-वेद हैं; ब्राह्मण, अरण्यक और उपनिषद। ऋग्वेद सबसे प्राचीनतम वेद होने के कारण इस समय को ऋग्वेद काल भी कहते हैं। ऋग्वेद भजन … Read more

पाषाण काल STONE AGE | 2,500,000 ई.पू.- 1,000 ईसा पूर्व

पाषाण काल

पाषाण काल के रूप में उस काल को परिभाषित किया गया है, जब प्रागैतिहासिक मनुष्य अपने जीवन यापन के लिए पत्थरों का उपयोग करते थे । मनुष्य के जन्म के बाद से हुए विकास को अलग अलग कालो में बांटा गया है।

कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी | 1316-1320 ई.

कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी | 1316-1320 ई.

दिल्ली सल्तनत के खिलजी वंश का शासक कुतुबुद्दीन मुुुबारक खिलजी ने सन 1316 ई. से 1320 ई. तक दिल्ली में शासन किया। कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी के विश्वास-पात्र वजीर और समलैंगिक साथी खुसरो खां ने 9 जुलाई,1320 ई. को सुल्तान कुतुबुद्दीन मुबारक शाह खिलजी की हत्या करके सिंहासन पर अपना अधिकार कर लिया। कुतुबुद्दीन मुबारक खिलजी का संक्षिप्त … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.