जयशंकर प्रसाद कृत ‘आँसू’ एक श्रेष्ठ विरह काव्य है : सोदाहरण विश्लेषण | ‘आँसू’ की काव्यगत विशेषताएं
हिंदी साहित्य के छायावादी युग में जिन कवियों ने काव्य की भावभूमि को सूक्ष्म संवेदनाओं, करुणा, रहस्य और आत्मानुभूति से समृद्ध किया, उनमें महाकवि जयशंकर प्रसाद का स्थान अत्यंत ऊँचा है। प्रसाद की काव्य प्रतिभा का सर्वाधिक मार्मिक, संवेदनशील और हृदयस्पर्शी रूप उनकी प्रसिद्ध काव्यरचना ‘आँसू’ में दृष्टिगोचर होता है। ‘आँसू’ मूलतः एक विरह प्रधान … Read more