वीर रस के महाकवि भूषण : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

वीर रस के महाकवि भूषण : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिंदी साहित्य के रीतिकाल में जहाँ एक ओर अधिकांश कवि दरबारी संरक्षण में शृंगार, नायिका‑भेद, नख‑शिख वर्णन और विलासिता की अभिव्यक्ति में संलग्न थे, वहीं दूसरी ओर एक ऐसे कवि का प्रादुर्भाव हुआ जिसने अपनी ओजस्वी वाणी से राष्ट्र, स्वाभिमान और वीरता का सिंहनाद किया। यह कवि थे — महाकवि भूषण। भूषण केवल वीर रस … Read more

रीतिकाल के प्रतिनिधि कवि बिहारी : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

रीतिकाल के प्रतिनिधि कवि बिहारी : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिंदी साहित्य के इतिहास में रीतिकाल एक विशिष्ट एवं महत्त्वपूर्ण कालखंड के रूप में प्रतिष्ठित है। इस काल में काव्य का केंद्र मुख्यतः श्रृंगार रस, नायिका-भेद, नख-शिख वर्णन, रस, अलंकार और काव्यांगों के सूक्ष्म प्रयोग पर आधारित रहा। रीतिकालीन कवियों में जिन कवियों ने मुक्तक काव्य को चरम उत्कर्ष तक पहुँचाया, उनमें महाकवि बिहारी का … Read more

गोस्वामी तुलसीदास : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

गोस्वामी तुलसीदास : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

भक्तिकालीन हिंदी साहित्य में गोस्वामी तुलसीदास का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण और अद्वितीय है। वे सगुण भक्तिधारा की रामभक्ति शाखा के सर्वश्रेष्ठ और प्रतिनिधि कवि माने जाते हैं। जिस प्रकार वाल्मीकि संस्कृत में रामकथा के प्रथम महाकवि हैं, उसी प्रकार हिंदी में तुलसीदास रामकथा के महाकवि हैं। उनका महाकाव्य ‘रामचरितमानस’ न केवल हिंदी साहित्य की अमूल्य … Read more

कवि सूरदास : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

कवि सूरदास : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिंदी साहित्य का भक्तिकाल भारतीय साहित्य के इतिहास में आध्यात्मिक चेतना, लोकभाषा की प्रतिष्ठा और मानवीय संवेदनाओं के उत्कर्ष का स्वर्णयुग माना जाता है। इस काल में भक्ति को दो प्रमुख धाराओं—निर्गुण और सगुण—में विभाजित किया गया। सगुण भक्ति धारा के अंतर्गत रामभक्ति और कृष्णभक्ति की परंपरा विकसित हुई। कृष्णभक्ति शाखा में जिन कवियों ने … Read more

संत कबीरदास : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

संत कबीरदास : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिंदी साहित्य के इतिहास में संत कबीरदास का नाम अत्यंत सम्मान और आदर के साथ लिया जाता है। वे न केवल भक्तिकाल के निर्गुण भक्ति धारा के प्रमुख स्तंभ हैं, बल्कि एक ऐसे संत, कवि और समाज-सुधारक भी हैं, जिन्होंने अपने समय की सामाजिक, धार्मिक और नैतिक विकृतियों पर निर्भीक प्रहार किया। कबीर का काव्य … Read more

मोहन राकेश : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

मोहन राकेश : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में जिन गद्यकारों ने न केवल समय की नब्ज़ को पहचाना, बल्कि साहित्य को नई संवेदना, नई भाषा और नए शिल्प से समृद्ध किया, उनमें मोहन राकेश का नाम अत्यंत आदर के साथ लिया जाता है। वे ऐसे रचनाकार थे जिन्होंने साहित्य को जीवन की यथार्थ भूमि से जोड़ा और … Read more

हरिशंकर परसाई : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हरिशंकर परसाई : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिंदी साहित्य में व्यंग्य को यदि एक सशक्त, वैचारिक और सामाजिक परिवर्तन का औज़ार माना जाए, तो हरिशंकर परसाई का नाम सर्वप्रथम स्मरण में आता है। वे केवल हँसाने वाले व्यंग्यकार नहीं थे, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाले लेखक थे। उनके व्यंग्य में हास्य के साथ-साथ करुणा, आक्रोश, विवेक और नैतिक चेतना का अनोखा … Read more

प्रो. जी. सुन्‍दर रेड्डी : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

प्रो. जी. सुन्‍दर रेड्डी : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

हिन्दी साहित्य का विकास केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि देश के विभिन्न भाषाई क्षेत्रों के विद्वानों ने हिन्दी को समृद्ध, व्यापक और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दक्षिण भारत के अनेक विद्वानों ने हिन्दी को केवल अपनाया ही नहीं, बल्कि उसे अपनी साधना और अभिव्यक्ति का माध्यम बनाया। ऐसे … Read more

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

आधुनिक हिंदी साहित्य के इतिहास में आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का नाम अत्यंत आदर, श्रद्धा और बौद्धिक गौरव के साथ लिया जाता है। वे केवल एक लेखक नहीं थे, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, इतिहास और मानव-मूल्यों के मर्मज्ञ व्याख्याता थे। उनका संपूर्ण गद्य उनके विराट व्यक्तित्व का सजीव प्रतिबिंब है। विद्वत्ता, चिन्तन-प्रियता, सांस्कृतिक दृष्टि, मानवतावाद … Read more

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन केवल राजनीतिक संघर्ष भर नहीं था, बल्कि वह एक व्यापक सांस्कृतिक, बौद्धिक और साहित्यिक जागरण भी था। इस आंदोलन को दिशा देने में जिन साहित्यकारों, पत्रकारों और विचारकों ने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई, उनमें श्री कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ का नाम विशेष आदर के साथ लिया जाता है। वे ऐसे सर्जक थे जिन्होंने साहित्य … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.