खड़ी बोली: आधुनिक हिंदी की आधारशिला – उत्पत्ति, क्षेत्र, विशेषताएँ, साहित्य और नामकरण
भारतीय उपमहाद्वीप की भाषायी परंपरा जितनी प्राचीन है, उतनी ही विविध और व्यापक भी। यहाँ की हर भाषा, हर बोली और हर उपबोली अपने भीतर हजारों वर्षों का विकास, प्रयोग और सांस्कृतिक विरासत समेटे हुए चलती है। इन भाषायी धाराओं में खड़ी बोली का स्थान विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यही बोली आगे चलकर … Read more