आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की रचनाओं की भाषागत एवं शैलीगत विशेषताएँ
आधुनिक हिंदी साहित्य के इतिहास में आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी (1864–1938) का स्थान केवल एक लेखक या निबंधकार के रूप में नहीं, बल्कि एक युगप्रवर्तक साहित्य-संस्कारक के रूप में सुरक्षित है। वे उस संक्रमणकाल के प्रतिनिधि साहित्यकार थे, जब हिंदी साहित्य भारतेन्दु युग की भावुकता, अलंकरणप्रियता और भाषिक असंयम से निकलकर वैचारिक परिपक्वता, सामाजिक उत्तरदायित्व … Read more