कन्नौजी भाषा : उत्पत्ति, क्षेत्र, उपबोलियाँ, ध्वन्यात्मक स्वरूप एवं भाषिक विशेषताएँ

कन्नौजी भाषा : उत्पत्ति, क्षेत्र, उपबोलियाँ, ध्वन्यात्मक स्वरूप एवं भाषिक विशेषताएँ

भारतीय उपमहाद्वीप भाषाई विविधता के अप्रतिम समृद्ध भंडार का प्रतीक है। यहाँ “कोस-कोस पर पानी बदले, दुइ-दुइ कोस पर बानी”—यह कहावत केवल कहावत नहीं, बल्कि भाषा-विज्ञान का जीवंत सत्य है। इसी भाषाई-विविधता में एक महत्वपूर्ण स्थान कन्नौजी भाषा (या कन्नौजिया/कनउजी) का है, जो पश्चिमी हिन्दी का एक प्रमुख रूप है। कन्नौज भारतीय इतिहास, संस्कृति, राजनीति … Read more

हिन्दी की बोलियाँ : विकास, स्वरूप, उपभाषा, वर्गीकरण और साहित्यिक योगदान

हिन्दी की बोलियाँ : विकास, स्वरूप, उपभाषा, वर्गीकरण और साहित्यिक योगदान

भारत की भाषायी विविधता विश्व में अद्वितीय है। इसी बहुरंगी भाषा-संपदा के बीच हिन्दी एक ऐसी प्रमुख भाषा है, जो न केवल भारत के विशाल भू-भाग में बोली-समझी जाती है, बल्कि अनेक आंचलिक रूपों और बोलियों के कारण अत्यंत समृद्ध एवं बहुआयामी रूप ले चुकी है। हिन्दी की यही बोली-विविधता इसे राष्ट्रीय स्तर पर और … Read more

राष्ट्रभाषा हिन्दी – निबंध : राष्ट्रीय अस्मिता और एकता का प्रबल आधार

राष्ट्रभाषा हिन्दी – निबंध : राष्ट्रीय अस्मिता और एकता का प्रबल आधार

भाषा किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। वह केवल संप्रेषण का माध्यम ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक बंधन, राष्ट्रीय चेतना और सामूहिक अस्मिता का सशक्त प्रतीक भी होती है। भारत जैसे बहुभाषी एवं बहुसांस्कृतिक देश में भाषा का प्रश्न सदैव महत्वपूर्ण रहा है। यहाँ सैकड़ों बोलियाँ और अनेकों प्रमुख भाषाएँ बोली जाती हैं, … Read more

मैथिली साहित्य: आदिकाल से आधुनिक युग तक

मैथिली साहित्य: आदिकाल से आधुनिक युग तक

मैथिली भारत की एक प्राचीन, समृद्ध और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण भाषा है। यह न केवल बिहार की पहचान का प्रतीक है, बल्कि भारत की भाषाई विविधता में एक अनूठा स्थान रखती है। यह भाषा उत्तर-पूर्वी बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, असम और पड़ोसी देश नेपाल में भी बोली जाती है। इसके … Read more

मैथिली भाषा : इतिहास, विकास, लिपि और साहित्यिक महत्त्व

मैथिली भाषा : इतिहास, विकास, लिपि और साहित्यिक महत्त्व

भारत की भाषाई विविधता में मैथिली का स्थान अत्यंत गौरवपूर्ण और प्राचीन है। यह भाषा न केवल बिहार और झारखंड राज्यों में, बल्कि पड़ोसी देश नेपाल के तराई क्षेत्र में भी समान रूप से बोली और समझी जाती है। मैथिली का उद्भव हिन्द-आर्य भाषा परिवार की मागधी शाखा से हुआ है, और इसे भारतीय भाषाओं … Read more

मगही या मागधी भाषा : उत्पत्ति, विकास, लिपि और साहित्यिक परंपरा

मगही या मागधी भाषा : उत्पत्ति, विकास, लिपि और साहित्यिक परंपरा

मगही भाषा, जिसे मागधी भी कहा जाता है, भारत के मध्य-पूर्वी भाग में बोली जाने वाली एक प्राचीन और समृद्ध भाषा है। इसका उद्भव ऐतिहासिक ‘मगध’ क्षेत्र से हुआ है, जो आज के बिहार राज्य के दक्षिणी और मध्य भागों में स्थित है। यह भाषा अपने आप में केवल एक बोली नहीं, बल्कि भारतीय भाषिक … Read more

भोजपुरी भाषा के प्रमुख कवि (Prominent Poets of Bhojpuri Language)

भोजपुरी भाषा के प्रमुख कवि: संत परंपरा और आरंभिक भोजपुरी काव्य, लोककविता और जनगीतों की परंपरा, आधुनिक युग के भोजपुरी कवि

भोजपुरी भाषा केवल जन-भाषा या लोक-व्यवहार का माध्यम नहीं रही है, बल्कि इसने भारतीय साहित्य के विविध रंगों को अपनी अभिव्यक्ति से समृद्ध किया है। यह भाषा उत्तर भारत की सांस्कृतिक चेतना का दर्पण है, जिसमें लोक की सरलता, जीवन की सच्चाई और भावना की गहराई एक साथ दिखाई देती है। भोजपुरी के कवियों ने … Read more

भोजपुरी भाषा : इतिहास, विकास, लिपि, क्षेत्र, साहित्य और विशेषताएँ

भोजपुरी भाषा : इतिहास, विकास, लिपि, क्षेत्र, साहित्य और विशेषताएँ

भारत की भाषाई विविधता विश्व में अद्वितीय है। उत्तर भारत के पूर्वी भाग में बोली जाने वाली भोजपुरी इस विविधता का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह केवल एक बोली नहीं, बल्कि एक सजीव सांस्कृतिक परंपरा, लोक-साहित्य और सामाजिक चेतना की वाहक भाषा है। भोजपुरी की मिठास, सहजता और भावप्रवणता ने इसे जनमानस की भाषा बना … Read more

बिहारी हिन्दी : उत्पत्ति, बोलियाँ, विकास और विशेषताएँ

बिहारी हिन्दी : उत्पत्ति, बोलियाँ, विकास और विशेषताएँ

भारतीय उपमहाद्वीप की भाषायी विविधता विश्व में अद्वितीय है। यहाँ भाषाएँ न केवल भौगोलिक विस्तार के अनुसार भिन्न हैं, बल्कि उनका स्वरूप, व्याकरण और उच्चारण-प्रणाली भी क्षेत्रानुसार परिवर्तनशील है। इसी भाषिक संपदा के अंतर्गत “बिहारी हिन्दी” (Bihari Hindi) का स्थान विशिष्ट है। यह भाषा उत्तर भारत के पूर्वी भाग — विशेषतः बिहार तथा पूर्वी उत्तर … Read more

बोड़ो या बड़ो भाषा : उत्पत्ति, विकास, लिपि, बोली क्षेत्र और सांस्कृतिक महत्व

बोड़ो या बड़ो भाषा : उत्पत्ति, विकास, लिपि, बोली क्षेत्र और सांस्कृतिक महत्व

भारत भाषाई विविधता का धनी देश है, जहाँ सैकड़ों भाषाएँ और बोलियाँ अपने-अपने क्षेत्रों की सांस्कृतिक आत्मा को व्यक्त करती हैं। इन्हीं में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाषा है — बोड़ो या बड़ो भाषा (Bodo Language)।बोड़ो भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य असम में प्रमुख रूप से बोली जाने वाली एक स्वदेशी (Indigenous) भाषा है। यह असम … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.