प्राकृतिक संसाधनों का उद्देश्य पर आधारित वर्गीकरण

प्राकृतिक संसाधनों का उद्देश्य पर आधारित वर्गीकरण

यह लेख “उद्देश्य पर आधारित संसाधनों के वर्गीकरण” विषय पर एक विस्तृत हिंदी लेख प्रस्तुत करता है, जिसमें प्राकृतिक संसाधनों के विभिन्न उपयोगों को ध्यान में रखते हुए उन्हें तीन प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया है – ऊर्जा संसाधन, कच्चा माल और खाद्य पदार्थ। लेख में ऊर्जा संसाधनों को समाप्य (गैर-पुनरुत्पादनीय) और असमाप्य (पुनरुत्पादनीय) … Read more

भारत की वित्तीय स्थिरता का नया अध्याय: भारतीय रिज़र्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट – जून 2025

भारतीय रिज़र्व बैंक की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट – जून 2025

जैसे-जैसे वैश्विक अर्थव्यवस्था लगातार अस्थिरता और अनिश्चितता के भंवर में फंसी हुई है, वैसे-वैसे भारत एक स्थिर, आत्मविश्वासी और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में सामने आया है। जून 2025 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (Financial Stability Report – FSR) इस उभरते भारत की एक विस्तृत, संतुलित और आश्वस्तकारी … Read more

ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2025 | वैश्विक स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र में भारत की तीसरी बड़ी उपस्थिति

ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2025

यह लेख हाल ही में प्रकाशित हुरुन ग्लोबल यूनिकॉर्न इंडेक्स 2025 पर आधारित एक विश्लेषणात्मक हिंदी लेख है, जिसमें यूनिकॉर्न कंपनियों की वैश्विक स्थिति, प्रमुख देशों की रैंकिंग, भारत की उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ, साथ ही भविष्य की संभावनाओं को विस्तार से समझाया गया है। यूनिकॉर्न वे निजी स्टार्टअप होते हैं जिनका मूल्यांकन $1 बिलियन से … Read more

जियोब्लैकरॉक ब्रोकिंग को सेबी की मंजूरी | भारत में डिजिटल निवेश के नए युग की शुरुआत

जियोब्लैकरॉक ब्रोकिंग को सेबी की मंजूरी

SEBI ने 27 जून 2025 को जियोब्लैकरॉक ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड को ब्रोकरेज कारोबार की शुरुआत की अनुमति दी है। यह जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और ब्लैकरॉक इंक का संयुक्त उपक्रम है, जो भारतीय निवेशकों के लिए पारदर्शी, तकनीक-संचालित और किफायती निवेश समाधान लाने का लक्ष्य रखता है। पढ़ें विस्तृत हिंदी लेख। भारतीय वित्तीय बाजार तेजी से … Read more

जुलाई 2025 से लागू होने वाले क्रेडिट कार्ड नियमों में व्यापक बदलाव

जुलाई 2025 से लागू होने वाले क्रेडिट कार्ड नियमों में व्यापक बदलाव

भारत में क्रेडिट कार्ड उपभोक्ताओं की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है और इसके साथ ही बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा दी जाने वाली सेवाएं भी लगातार विकसित हो रही हैं। क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल अब केवल खरीदारी और उधारी भुगतान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह एक प्रमुख वित्तीय उपकरण बन … Read more

पैन कार्ड 2.0 | डिजिटल युग में पैन की नई पहचान

पैन कार्ड 2.0 | डिजिटल युग में पैन की नई पहचान

भारत में आर्थिक लेन-देन, बैंकिंग सेवाएं, आयकर दाखिला और कई सरकारी सेवाओं के लिए पैन कार्ड (PAN Card) एक अनिवार्य दस्तावेज़ बन चुका है। जैसे-जैसे देश डिजिटल युग में आगे बढ़ रहा है, वैसे-वैसे दस्तावेजों के डिजिटलीकरण और उनके उपयोग की सुविधा भी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में केंद्र सरकार और आयकर विभाग … Read more

प्राकृतिक संसाधनों का उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकरण

प्राकृतिक संसाधनों का उत्पत्ति के आधार पर वर्गीकरण

प्राकृतिक संसाधन मानव जीवन के आधारस्तंभ हैं, जिनके बिना सभ्यता की कल्पना भी असंभव है। ये संसाधन पृथ्वी की गोद से उत्पन्न होते हैं और मानव की प्रत्येक आवश्यक गतिविधि—भोजन, वस्त्र, आवास, ऊर्जा, परिवहन से लेकर औद्योगीकरण तक—में सहायक होते हैं। इन संसाधनों की प्रकृति, उपयोगिता और संरक्षण की रणनीतियों को समझने के लिए इनका … Read more

गैर-पुनरुत्पादनीय संसाधनों का प्रबंधन | एक आवश्यक चुनौती

गैर-पुनरुत्पादनीय संसाधनों का प्रबंधन

प्रकृति ने मनुष्य को अनेक प्रकार के संसाधनों से सम्पन्न किया है। इनमें कुछ संसाधन ऐसे हैं जिन्हें हम बार-बार प्रयोग कर सकते हैं जैसे जल, वायु, सूर्य की ऊर्जा आदि; इन्हें पुनरुत्पादनीय संसाधन कहा जाता है। परंतु ऐसे भी संसाधन हैं जिन्हें एक बार उपयोग करने के बाद पुनः प्राप्त नहीं किया जा सकता … Read more

टाटा ग्रुप बना भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड | ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 रिपोर्ट 2025 का विश्लेषण

टाटा ग्रुप बना भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड

भारत की अर्थव्यवस्था गतिशील बदलावों के दौर से गुजर रही है, और इस परिवर्तन में ब्रांड वैल्यू का बढ़ता महत्व नई आर्थिक पहचान का प्रतीक बन चुका है। ब्रांड फाइनेंस द्वारा जारी “ब्रांड फाइनेंस इंडिया 100 रिपोर्ट 2025” ने न केवल कंपनियों की वर्तमान स्थिति को दर्शाया है, बल्कि भारत के वैश्विक आर्थिक मंच पर … Read more

प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण | उपयोग की सततता पर आधारित दृष्टिकोण

प्राकृतिक संसाधनों का वर्गीकरण | उपयोग की सततता पर आधारित दृष्टिकोण

मानव जीवन और उसके विकास में प्राकृतिक संसाधनों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान है। धरती पर जीवन की सभी गतिविधियाँ प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन संसाधनों पर निर्भर हैं। प्राचीन काल से ही मानव प्रकृति द्वारा प्रदत्त साधनों का उपयोग अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए करता आ रहा है। किंतु जैसे-जैसे जनसंख्या बढ़ी और … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.