मुद्रा एवं सन्निकट मुद्रा | Money and Near Money

मुद्रा एवं सन्निकट मुद्रा | Money and Near Money

मुद्रा (Money) किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था का मूल स्तंभ है। यह न केवल विनिमय का माध्यम है, बल्कि मूल्य माप, भविष्य के भुगतान की इकाई, तथा मूल्य के संचय का कार्य भी करती है। परंतु आर्थिक विकास की प्रक्रिया में केवल वही तत्व महत्वपूर्ण नहीं होते जो स्पष्ट रूप से मुद्रा के रूप में कार्य … Read more

मुद्रा के प्रकार | Kinds of Money

मुद्रा के प्रकार | Kinds of Money

मुद्रा का विकास मानव सभ्यता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। प्रारंभ में वस्तुओं के आदान-प्रदान के साधन के रूप में मुद्रा का प्रयोग हुआ, परंतु समय के साथ इसके रूप, कार्य तथा महत्व में काफी परिवर्तन आया। आज के वैश्विक परिदृश्य में मुद्रा केवल एक विनिमय का साधन नहीं रह गई, बल्कि … Read more

मुद्रा एवं मुद्रा मूल्य | Money and Value of Money

मुद्रा एवं मुद्रा मूल्य | Money and Value of Money

मुद्रा, जिसे हम रोजमर्रा के जीवन में वस्तुओं की खरीद-फरोख्त, सेवाओं के आदान-प्रदान एवं आर्थिक लेन-देन में उपयोग करते हैं, मानव सभ्यता का एक अनिवार्य अंग रही है। चाहे वह प्राचीन काल में पालतू जानवर, अनाज या अन्य उपयोगी वस्तुएँ हों, या फिर आज के डिजिटल लेन-देन – मुद्रा की भूमिका ने समय के साथ … Read more

मुद्रा: प्रकृति, परिभाषाएँ, कार्य, और विकास | Money: Nature, Definitions, Functions, and Evolution

मुद्रा: प्रकृति, परिभाषाएँ, कार्य, और विकास

मुद्रा मानव सभ्यता की एक प्राचीन आविष्कार है, जिसका विकास आर्थिक आवश्यकताओं और सामाजिक संगठन के साथ क्रमिक रूप से हुआ। प्रारंभ में वस्तु-विनिमय प्रणाली (barter system) प्रचलित थी, जहाँ वस्तुओं का सीधा आदान-प्रदान होता था। किंतु इस प्रणाली की कठिनाइयों (जैसे आवश्यकताओं के दोहरे संयोग की समस्या) ने मुद्रा के उद्भव को अनिवार्य बना … Read more

RBI रेमिटेंस सर्वेक्षण 2025 | भारत में विदेशी प्रेषण का बदलता परिदृश्य

RBI रेमिटेंस सर्वेक्षण 2025

भारत, वर्षों से विश्व के सबसे बड़े रेमिटेंस प्राप्तकर्ता (Remittance Recipient) देशों में अग्रणी रहा है। लेकिन भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा हाल ही में जारी “रेमिटेंस सर्वेक्षण 2025” में जो बदलाव सामने आए हैं, वे केवल आर्थिक आँकड़ों तक सीमित नहीं, बल्कि भारत के प्रवासी समुदाय, वैश्विक प्रवास पैटर्न, और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को भी … Read more

डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार | भारतीय रिजर्व बैंक की अभिनव पहल

डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार

डिजिटल युग में प्रत्येक संगठन को अपनी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने और नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता होती है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) भी इस डिजिटल क्रांति में पीछे नहीं है। हाल ही में, लंदन में आयोजित एक समारोह में भारतीय रिजर्व बैंक को डिजिटल परिवर्तन पुरस्कार (Digital Transformation Award) से सम्मानित किया गया। … Read more

भारत की पहली वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब इकाई | एक नया युग

भारत की पहली वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब इकाई | एक नया युग

भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (TEPL) और टाटा सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्राइवेट लिमिटेड (TSMPL) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे भारत की पहली वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब … Read more

RERA अधिनियम | रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा)

RERA अधिनियम | रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (रेरा)

रियल एस्टेट क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन इसमें वर्षों से पारदर्शिता, अनुशासन और खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा की कमी रही है। इन समस्याओं के समाधान के लिए भारत सरकार ने रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 (RERA) लागू किया। हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने RERA के कार्यान्वयन … Read more

IRCTC और IRFC | भारतीय रेलवे की दो कंपनियों को नवरत्न का दर्जा

IRCTC और IRFC भारतीय रेलवे की दो कंपनियों को नवरत्न का दर्जा

भारत सरकार ने भारतीय रेलवे की दो महत्वपूर्ण कंपनियों – इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) और इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) को नवरत्न का प्रतिष्ठित दर्जा प्रदान किया है। यह निर्णय इन कंपनियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन, वित्तीय स्थिरता और भारतीय रेलवे के विकास में उनके योगदान को देखते हुए लिया गया है। नवरत्न … Read more

सरकारी ई-मार्केटप्लेस GeM का भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

GeM (Government e-Marketplace)

भारत की अर्थव्यवस्था में सरकारी खरीद एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सरकार विभिन्न विभागों, मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों (PSUs) के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद करती है। पारंपरिक सरकारी खरीद प्रक्रियाएं जटिल और अपारदर्शी रही हैं, जिससे भ्रष्टाचार और अनुचित मूल्य निर्धारण की संभावनाएँ बनी रहती थीं। इस समस्या के समाधान … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.