01 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026 प्रस्तुत किया। यह बजट कई दृष्टियों से ऐतिहासिक रहा। एक ओर जहाँ यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दीर्घकालिक परिकल्पना को मजबूती देता है, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार आम बजट पेश कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। वे ऐसा करने वाली भारत की पहली महिला वित्त मंत्री बन गई हैं।
यह बजट केवल आँकड़ों और घोषणाओं का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह आने वाले दो दशकों के लिए भारत की आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी दिशा तय करने वाला रोडमैप है। बजट 2026 में सेवाक्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसंरचना, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रेल नेटवर्क, टियर-2 और टियर-3 शहरों का विकास, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, खेल, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और वैश्विक निवेश जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया है।
विकसित भारत 2047: बजट 2026 की केंद्रीय थीम
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बार-बार “विकसित भारत” की अवधारणा पर जोर दिया। उनके अनुसार, भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल विनिर्माण ही नहीं, बल्कि सेवाक्षेत्र (Service Sector) को भी विकास का मुख्य इंजन बनाना होगा।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की भविष्य की वैश्विक प्रतिस्पर्धा शिक्षा, कौशल, रोजगार, उद्यमिता और सेवाओं के एकीकृत विकास पर निर्भर करेगी। इसी सोच के तहत बजट 2026 में कई नई संस्थागत और नीतिगत पहलें प्रस्तावित की गई हैं।
शिक्षा और रोजगार का सेतु: हाई-पावर्ड स्थायी समिति का गठन
बजट 2026 की सबसे महत्वपूर्ण घोषणाओं में से एक है—
“एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज” हाई-पावर्ड स्टैंडिंग कमेटी का गठन।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह समिति:
- शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को कम करने
- कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने
- उद्यमिता को शिक्षा से जोड़ने
- सेवाक्षेत्र को विकसित भारत का मुख्य चालक बनाने
के लिए ठोस सिफारिशें देगी।
सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक वैश्विक सेवाक्षेत्र में भारत की हिस्सेदारी 10% तक पहुँचे, जिससे भारत आईटी, फिनटेक, हेल्थकेयर, एजुकेशन, टूरिज्म और प्रोफेशनल सर्विसेज़ में वैश्विक नेतृत्व स्थापित कर सके।
शिक्षा क्षेत्र की मांग: GDP का 6% खर्च
शिक्षा क्षेत्र लंबे समय से यह मांग करता रहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के अनुरूप शिक्षा पर GDP का 6% खर्च किया जाए। बजट 2026 में सरकार ने शिक्षा को रोजगार और कौशल से जोड़ने की स्पष्ट मंशा दिखाई है।
हालाँकि बजट भाषण में सीधे 6% GDP खर्च की घोषणा नहीं हुई, लेकिन शिक्षा को सेवाक्षेत्र, कौशल विकास और उद्यमिता से जोड़ने की रणनीति यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में शिक्षा पर सार्वजनिक निवेश में वृद्धि होगी।
अवसंरचना विकास: सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
बजट 2026 की सबसे चर्चित घोषणाओं में से एक है देशभर में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण।
घोषित कॉरिडोर हैं:
- मुंबई – पुणे
- पुणे – हैदराबाद
- हैदराबाद – चेन्नई
- हैदराबाद – बेंगलुरु
- चेन्नई – बेंगलुरु
- दिल्ली – वाराणसी
- वाराणसी – सिलीगुड़ी
इन कॉरिडोरों के शुरू होने से:
- यात्रा समय में भारी कमी आएगी
- व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण मजबूत होगा
- लाखों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे
यह परियोजना भारत के परिवहन बुनियादी ढाँचे को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में ऐतिहासिक वृद्धि
वित्त मंत्री ने वित्त वर्ष 2026–27 के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (Public Capex) को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा।
इस निवेश का फोकस होगा:
- टियर-2 और टियर-3 शहरों का विकास
- 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में अवसंरचना विस्तार
- सड़क, रेल, शहरी परिवहन और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर
इससे न केवल आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी, बल्कि क्षेत्रीय असंतुलन को भी कम किया जा सकेगा।
सेमीकंडक्टर मिशन: आत्मनिर्भर भारत की रीढ़
बजट 2026 में सेमीकंडक्टर सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। वित्त मंत्री ने इसके लिए 40,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की।
सेमीकंडक्टर नीति के मुख्य बिंदु:
- घरेलू कैपिटल-गुड्स क्षमताओं का निर्माण
- स्वतंत्र और सुरक्षित सप्लाई चेन विकसित करना
- दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earths) तक पहुँच
इस मिशन में ओडिशा, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों की भूमिका अहम होगी। यह कदम भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में निर्णायक साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती: AIIMS, आयुष और WHO केंद्र
बजट 2026 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी कई अहम घोषणाएँ की गईं:
- तीन नए AIIMS संस्थानों की स्थापना
- आयुष फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं का उन्नयन
- जामनगर स्थित WHO वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा केंद्र का अपग्रेडेशन
इन कदमों से भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को वैश्विक मान्यता मिलेगी।
मेडिकल टूरिज्म और ट्रॉमा केयर का विस्तार
भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने के लिए सरकार ने:
- देश में 5 क्षेत्रीय मेडिकल टूरिज्म हब स्थापित करने
- 50% जिला अस्पतालों में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर शुरू करने
का प्रस्ताव रखा है।
इससे न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि विदेशी मुद्रा अर्जन और रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिलेगा।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण: कौशल और सहारा योजनाएँ
बजट 2026 में दिव्यांगजनों के लिए दो महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की गई:
- दिव्यांगजन कौशल योजना
- उद्योग-अनुकूल प्रशिक्षण
- प्रत्येक दिव्यांग समूह की विशिष्ट आवश्यकताओं पर फोकस
- दिव्यांग सहारा योजना
- ALIMCO को सहायता
- सहायक उपकरणों का उत्पादन
- R&D और AI एकीकरण
इन योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करना है।
विदेशी निवेश को बढ़ावा: PROI के लिए नई छूट
बजट 2026 में निवेश के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए वित्त मंत्री ने घोषणा की कि:
- भारत के बाहर रहने वाले व्यक्तिगत निवासियों (PROI) को
- पोर्टफोलियो निवेश योजना (PIS) के तहत
- सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों में निवेश की अनुमति दी जाएगी
साथ ही निवेश सीमा को 5% से बढ़ाकर 10% करने का प्रस्ताव है, जिससे विदेशी पूंजी प्रवाह को बल मिलेगा।
टेक्सटाइल, खादी और ग्राम स्वराज
सरकार ने:
- ‘चैलेंज मोड’ में मेगा टेक्सटाइल पार्क
- ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल
की घोषणा की है। इसका उद्देश्य खादी, हथकरघा और ग्रामीण उद्योगों को आधुनिक तकनीक और बाज़ार से जोड़ना है।
खेल, युवा और ग्रामीण भारत
बजट 2026 में:
- खेलकूद के सामान सस्ते किए गए
- गाँवों के लिए बड़ी योजनाएँ
- महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना
- SME सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये
की घोषणा की गई। इससे युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
निष्कर्ष: आत्मनिर्भरता से वैश्विक नेतृत्व की ओर
कुल मिलाकर, आम बजट 2026 एक ऐसा बजट है जो अल्पकालिक राहत से अधिक दीर्घकालिक विकास पर केंद्रित है। यह बजट:
- सेवाक्षेत्र को विकास का इंजन बनाता है
- शिक्षा और रोजगार को जोड़ता है
- स्वास्थ्य, अवसंरचना और तकनीक को सशक्त करता है
- सामाजिक समावेशन को प्राथमिकता देता है
बजट 2026 वास्तव में विकसित भारत 2047 की दिशा में एक मजबूत और दूरदर्शी कदम कहा जा सकता है।
इन्हें भी देखें –
- केंद्रीय बजट 2026–27: आम आदमी के लिए राहत और चुनौतियों का संतुलित दस्तावेज़
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