भारत की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने वाला केंद्रीय बजट 2026–27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को संसद में प्रस्तुत किया गया। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। एक ओर यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का 15वां बजट है, वहीं दूसरी ओर यह एनडीए सरकार के लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने के बाद दूसरा पूर्ण बजट भी है।
इसके साथ ही निर्मला सीतारमण ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए लगातार नौवीं बार बजट पेश करने वाली देश की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का गौरव प्राप्त किया। यह तथ्य न केवल भारतीय राजनीति में महिला नेतृत्व की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि नीति-निर्माण में निरंतरता और अनुभव का भी प्रतीक है।
बजट 2026–27 को सरकार ने “विकास, नवाचार और समावेशन” के दृष्टिकोण से तैयार किया है। इसमें जहां एक ओर आम आदमी को राहत देने के कई प्रावधान किए गए हैं, वहीं दूसरी ओर कर अनुपालन और वित्तीय अनुशासन को सख्त करने के संकेत भी साफ़ दिखाई देते हैं।
बजट की प्रमुख थीम और सरकार की प्राथमिकताएं
इस बजट में सरकार ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया है—
- स्वास्थ्य और सस्ती दवाएं
- घरेलू विनिर्माण (Make in India)
- खेल और युवा विकास
- नवीकरणीय ऊर्जा और हरित अर्थव्यवस्था
- कर प्रणाली में पारदर्शिता और सख्ती
इन सभी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए बजट को इस तरह तैयार किया गया है कि आम नागरिक, किसान, युवा, उद्योग और निवेशक—सभी वर्गों को संतुलित लाभ मिल सके।
‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना: स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम
बजट 2026–27 की सबसे अहम घोषणाओं में से एक है ‘बायोफार्मा शक्ति’ योजना। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने अगले पाँच वर्षों के लिए 10,000 करोड़ रुपये के आवंटन की घोषणा की है।
योजना के उद्देश्य:
- भारत को बायोफार्मास्युटिकल हब के रूप में विकसित करना
- दवाओं के आयात पर निर्भरता कम करना
- रिसर्च, इनोवेशन और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना
- जीवन रक्षक दवाओं की लागत घटाना
यह योजना न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए लाभकारी है, बल्कि इससे रोज़गार सृजन और वैज्ञानिक अनुसंधान को भी गति मिलेगी।
आम आदमी को बड़ी राहत: दवाएं होंगी सस्ती
केंद्रीय बजट 2026–27 में आम जनता के लिए सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य क्षेत्र में दी गई है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि डायबिटीज, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज में उपयोग होने वाली दवाएं सस्ती होंगी।
प्रमुख बिंदु:
- कैंसर की 17 जीवन रक्षक दवाओं की कीमतों में कमी
- आवश्यक दवाओं पर टैक्स और शुल्क में राहत
- घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देकर लागत घटाने की रणनीति
इस फैसले से लाखों मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा। भारत जैसे देश में, जहां स्वास्थ्य बीमा अभी भी सीमित दायरे में है, यह कदम सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेक-इन-इंडिया को बढ़ावा: स्मार्टफोन और टैबलेट होंगे सस्ते
सरकार ने मेक-इन-इंडिया अभियान को और मजबूत करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं।
संभावित लाभ:
- भारत में निर्मित स्मार्टफोन और टैबलेट के दाम कम होंगे
- आयात पर निर्भरता घटेगी
- स्थानीय विनिर्माण इकाइयों को बढ़ावा
- युवाओं और छात्रों को किफायती तकनीक उपलब्ध होगी
आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन और टैबलेट केवल सुविधा नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और संचार का माध्यम बन चुके हैं। ऐसे में इनकी कीमतों में कमी आम आदमी के लिए सीधी राहत है।
खेल इक्विपमेंट पर सरकार का विशेष फोकस
बजट 2026–27 में खेलों को भी खास महत्व दिया गया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि खेल इक्विपमेंट को अधिक किफायती बनाया जाएगा।
इसका प्रभाव:
- युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करने में मदद
- खिलाड़ियों की तैयारी और प्रशिक्षण आसान
- स्कूल और कॉलेज स्तर पर खेल संस्कृति को बढ़ावा
सरकार का मानना है कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव का माध्यम हैं। सस्ते खेल उपकरण इस दिशा में एक सकारात्मक कदम हैं।
बजट के बाद कौन-कौन सी चीज़ें होंगी सस्ती?
केंद्रीय बजट 2026–27 के बाद बाजार में कई वस्तुओं के दाम घटने की संभावना है—
सस्ती होने वाली प्रमुख वस्तुएं:
- लेदर से बने उत्पाद
- मोबाइल फोन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) की बैटरियां
- माइक्रोवेव ओवन
- कैंसर की 17 दवाएं
- सोलर पैनल
- खेल-कूद का सामान
इसके अलावा अल्कोहलिक लिकर स्क्रैप और कुछ मिनरल्स पर TCS को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है, जिससे उद्योगों को लागत में राहत मिलेगी।
हरित ऊर्जा और सोलर सेक्टर को बढ़ावा
सोलर पैनलों के दाम घटने की घोषणा सरकार की हरित ऊर्जा नीति को दर्शाती है। इससे—
- नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन
- बिजली उत्पादन की लागत में कमी
- पर्यावरण संरक्षण को बल
यह कदम भारत को कार्बन न्यूट्रल लक्ष्य की ओर ले जाने में सहायक होगा।
कहां लगा आम आदमी को झटका? महंगी और सख्त हुई व्यवस्थाएं
जहां एक ओर बजट में राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में सख्ती और अतिरिक्त बोझ भी देखने को मिलता है।
महंगी और सख्त हुई चीज़ें:
- इनकम टैक्स में गलत जानकारी देने पर टैक्स राशि के 100% के बराबर पेनल्टी
- चल संपत्ति (Movable Assets) का खुलासा न करने पर अब पेनल्टी
- स्टॉक ऑप्शन और फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर
- सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) 0.02% से बढ़ाकर 0.05%
इसके अलावा जिन सेक्टर्स में कस्टम ड्यूटी बढ़ाई गई है, उनमें प्रमुख रूप से—
- शराब
- स्क्रैप
- खनिज (Minerals)
इन क्षेत्रों में कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
कर सख्ती का उद्देश्य: पारदर्शिता और अनुशासन
सरकार का स्पष्ट संदेश है कि—
- टैक्स चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
- गलत जानकारी देने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी
- ईमानदार करदाताओं को संरक्षण मिलेगा
यह सख्ती लंबी अवधि में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
निष्कर्ष: संतुलित लेकिन सख्त बजट
कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026–27 एक ऐसा दस्तावेज़ है जो—
- आम आदमी को राहत देता है
- स्वास्थ्य, तकनीक और खेल को बढ़ावा देता है
- हरित ऊर्जा और घरेलू विनिर्माण को प्राथमिकता देता है
- साथ ही कर प्रणाली में अनुशासन और पारदर्शिता को सख्त करता है
यह बजट स्पष्ट संकेत देता है कि सरकार लोककल्याण और आर्थिक अनुशासन के बीच संतुलन बनाकर चलना चाहती है। जहां आम नागरिक को सस्ती दवाएं, तकनीक और सुविधाएं मिलेंगी, वहीं नियमों की अनदेखी करने वालों के लिए रास्ता कठिन होगा।
बजट 2026–27 को इसलिए “राहत और जिम्मेदारी का बजट” कहा जा सकता है, जो भारत की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर और समावेशी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
इन्हें भी देखें –
- बजट 2026–27 में टैक्स क्रांति: नया आयकर कानून, शेयर बायबैक (Share Buyback) और निवेशकों पर असर
- आम बजट 2026: सेवाक्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना पर केंद्रित ऐतिहासिक बजट
- चीन में विश्व का सबसे बड़ा कंप्रेस्ड-एयर ऊर्जा भंडारण संयंत्र: हरित ऊर्जा क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम
- भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA): 21वीं सदी की सबसे बड़ी रणनीतिक–आर्थिक साझेदारी की ओर
- माइक्रोसॉफ्ट की दूसरी पीढ़ी की इन-हाउस AI चिप Maia 200: वैश्विक AI दौड़ में एक बड़ा कदम
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