सेशेल्स गणराज्य: हिंद महासागर में रणनीतिक द्वीप राष्ट्र और भारत-सेशेल्स संबंधों का विस्तृत विश्लेषण

हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region – IOR) वर्तमान वैश्विक भू-राजनीति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति मार्ग, समुद्री सुरक्षा, ब्लू इकॉनमी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के कारण इस क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी संदर्भ में हिंद महासागर में स्थित छोटे लेकिन रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण द्वीप राष्ट्रों की भूमिका भी बढ़ती जा रही है। सेशेल्स गणराज्य ऐसा ही एक महत्वपूर्ण द्वीपीय राष्ट्र है, जो अपने सीमित भू-क्षेत्र के बावजूद विशाल समुद्री क्षेत्र और रणनीतिक स्थिति के कारण अंतरराष्ट्रीय राजनीति में विशेष स्थान रखता है।

हाल ही में सेशेल्स गणराज्य के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी अक्टूबर 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा पर भारत पहुँचे। उनकी यह पांच दिवसीय राजकीय यात्रा, जिसकी शुरुआत चेन्नई से हुई, भारत और सेशेल्स के बीच गहरे होते रणनीतिक, रक्षा, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करती है। यह यात्रा भारत की हिंद महासागर नीति, विशेष रूप से SAGAR विजन और MAHASAGAR नीति, के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

यह लेख सेशेल्स गणराज्य की भौगोलिक, राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विशेषताओं के साथ-साथ भारत-सेशेल्स द्विपक्षीय संबंधों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करता है।

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सेशेल्स गणराज्य: एक परिचय

भौगोलिक स्थिति और सामरिक महत्व

सेशेल्स गणराज्य हिंद महासागर के पश्चिमी भाग में स्थित एक द्वीपसमूह राष्ट्र है। यह देश कुल 115 द्वीपों से मिलकर बना है, जिनमें से अधिकांश छोटे और निर्जन हैं। सेशेल्स अफ्रीका के पूर्वी तट से लगभग 1,500 किलोमीटर दूर स्थित है, जिससे यह सीधे तौर पर हिंद महासागर के प्रमुख समुद्री मार्गों के समीप आता है।

इसके निकटतम पड़ोसी देशों में मॉरीशस, मेडागास्कर और कोमोरोस शामिल हैं। सेशेल्स की यह स्थिति इसे न केवल समुद्री व्यापार बल्कि समुद्री सुरक्षा, निगरानी और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।

हिंद महासागर के माध्यम से एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच विशाल मात्रा में व्यापार होता है। ऐसे में सेशेल्स जैसे द्वीप राष्ट्र समुद्री मार्गों की सुरक्षा, समुद्री डकैती की रोकथाम और अवैध गतिविधियों पर निगरानी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

राजधानी, जनसंख्या और सामाजिक संरचना

सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया (Victoria) है, जो देश के सबसे बड़े और प्रमुख द्वीप माहे (Mahé) पर स्थित है। विक्टोरिया न केवल प्रशासनिक राजधानी है, बल्कि यह देश का आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक केंद्र भी है।

सेशेल्स अफ्रीका के सबसे छोटे देशों में से एक है। इसकी कुल जनसंख्या लगभग 1 लाख के आसपास है। कम जनसंख्या होने के बावजूद यहाँ की सामाजिक संरचना अत्यंत विविधतापूर्ण है। विभिन्न जातीय समूहों, भाषाओं और संस्कृतियों का समावेश सेशेल्स समाज की एक विशिष्ट पहचान बनाता है।

राजनीतिक व्यवस्था और शासन प्रणाली

सेशेल्स एक एकात्मक राष्ट्रपति गणतंत्र (Unitary Presidential Republic) है। देश में राष्ट्रपति ही राज्य प्रमुख और सरकार प्रमुख दोनों होते हैं। राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा किया जाता है।

अक्टूबर 2025 में डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने सेशेल्स के राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण किया। उनके नेतृत्व में सेशेल्स ने विदेश नीति में भारत, अफ्रीका और हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। भारत की उनकी पहली विदेश यात्रा इस नीति का स्पष्ट संकेत है।

आर्थिक आधार: पर्यटन और मत्स्य पालन

सेशेल्स की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से दो स्तंभों पर आधारित है:

  1. पर्यटन (Tourism)
  2. मत्स्य पालन (Fisheries)

सेशेल्स को विश्व के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। इसके सुंदर समुद्र तट, जैव विविधता, प्रवाल भित्तियाँ (Coral Reefs) और स्वच्छ पर्यावरण इसे एक प्रमुख लग्ज़री टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाते हैं। पर्यटन देश की GDP, रोजगार और विदेशी मुद्रा आय का प्रमुख स्रोत है।

दूसरा महत्वपूर्ण क्षेत्र मत्स्य पालन है। हिंद महासागर में स्थित होने के कारण सेशेल्स को विशाल समुद्री संसाधनों तक पहुँच प्राप्त है। टूना मछली उद्योग यहाँ की अर्थव्यवस्था में विशेष भूमिका निभाता है।

विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) और समुद्री शक्ति

हालाँकि सेशेल्स का भूमि क्षेत्रफल बहुत छोटा है, लेकिन इसका विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone – EEZ) लगभग 1.3 मिलियन वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह इसे समुद्री संसाधनों, ब्लू इकॉनमी और समुद्री सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बड़ी शक्ति बनाता है।

इतना विशाल EEZ होने के कारण सेशेल्स को निम्न चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:

  • अवैध, अनियमित और अपंजीकृत मत्स्यन (IUU Fishing)
  • समुद्री डकैती
  • ड्रग और मानव तस्करी
  • समुद्री पर्यावरण संरक्षण

इन्हीं चुनौतियों के समाधान में भारत जैसे रणनीतिक साझेदार की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।

सांस्कृतिक विविधता और भाषा

सेशेल्स की संस्कृति में अफ्रीकी, यूरोपीय और एशियाई (विशेषकर भारतीय) प्रभावों का अनूठा मिश्रण देखने को मिलता है। यह विविधता इसके इतिहास, उपनिवेशवाद और प्रवास की कहानी को दर्शाती है।

यहाँ की प्रमुख भाषा सेशेलो क्रियोल (Seychellois Creole) है, जबकि अंग्रेज़ी और फ्रेंच भी आधिकारिक भाषाएँ हैं। संगीत, नृत्य, भोजन और त्योहारों में इस सांस्कृतिक मिश्रण की स्पष्ट झलक मिलती है।

भारत-सेशेल्स संबंध: ऐतिहासिक और रणनीतिक साझेदारी

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और सेशेल्स के बीच संबंध ऐतिहासिक रूप से सौहार्दपूर्ण रहे हैं। दोनों देशों के बीच संपर्क औपनिवेशिक काल से ही मौजूद रहा है। स्वतंत्रता के बाद भारत ने सेशेल्स के विकास, क्षमता निर्माण और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

SAGAR विजन और MAHASAGAR नीति में सेशेल्स का स्थान

सेशेल्स भारत के SAGAR (Security and Growth for All in the Region) विजन के केंद्र में है। SAGAR का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में:

  • समुद्री सुरक्षा
  • साझा विकास
  • क्षेत्रीय सहयोग
  • नियम आधारित व्यवस्था

को बढ़ावा देना है।

इसके साथ ही भारत की नई ‘MAHASAGAR’ नीति में भी सेशेल्स को एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी और रणनीतिक साझेदार के रूप में देखा जाता है।

तटीय निगरानी और समुद्री सुरक्षा सहयोग

भारत ने सेशेल्स में छह तटीय निगरानी रडार प्रणालियाँ (Coastal Surveillance Radar Systems – CSRS) स्थापित की हैं। ये प्रणालियाँ:

  • समुद्री डकैती
  • अवैध मत्स्यन
  • संदिग्ध समुद्री गतिविधियों

की निगरानी में सहायक हैं।

यह सहयोग हिंद महासागर में समुद्री डोमेन जागरूकता (Maritime Domain Awareness) को मजबूत करता है।

असम्पशन द्वीप परियोजना

असम्पशन द्वीप परियोजना (Assumption Island Project) भारत-सेशेल्स रक्षा सहयोग का एक महत्वपूर्ण आयाम है। इस परियोजना के अंतर्गत असम्पशन द्वीप पर बुनियादी ढांचे का विकास किया जाना है, जिससे:

  • समुद्री निगरानी
  • मानवीय सहायता
  • आपदा राहत

कार्यों में सहायता मिल सके।

रक्षा उपकरण और सैन्य सहयोग

भारत ने सेशेल्स को विभिन्न रक्षा उपकरण उपहार स्वरूप प्रदान किए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • डोर्नियर विमान
  • गश्ती जहाज (जैसे PS Constant, PS Zoroaster)
  • सैन्य वाहन

ये संसाधन सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा क्षमताओं को सशक्त बनाते हैं।

संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘LAMITYE’

भारत और सेशेल्स के बीच द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘LAMITYE’ आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य:

  • अंतर-संचालन क्षमता (Interoperability)
  • संयुक्त समुद्री सुरक्षा
  • आपदा प्रबंधन

को मजबूत करना है। इसका 10वां संस्करण 2024 में आयोजित किया गया था।

क्षमता निर्माण और ITEC कार्यक्रम

सेशेल्स के नागरिक भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (ITEC) कार्यक्रम के माध्यम से प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। भारत सेशेल्स के:

  • पुलिस कर्मियों
  • सैन्य अधिकारियों
  • प्रशासनिक अधिकारियों

को प्रशिक्षण प्रदान करता है।

बुनियादी ढांचा और विकास सहयोग

भारत ने सेशेल्स में:

  • नया उच्च न्यायालय भवन
  • नागरिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएँ

के निर्माण में वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह सहयोग सेशेल्स के संस्थागत विकास को मजबूत करता है।

भारतीय मूल के लोग और सांस्कृतिक संबंध

सेशेल्स की कुल आबादी का लगभग 11% हिस्सा भारतीय मूल (PIO) का है। भारतीय समुदाय व्यापार, शिक्षा और सामाजिक जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हर वर्ष ‘सेशेल्स-भारत दिवस’ मनाया जाता है, जो दोनों देशों के बीच People-to-People ties को मजबूत करता है।

निष्कर्ष

सेशेल्स गणराज्य आकार में छोटा लेकिन रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्र है। विशाल EEZ, हिंद महासागर में स्थिति और समुद्री सुरक्षा में इसकी भूमिका इसे भारत की विदेश नीति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनाती है। राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी की पहली भारत यात्रा भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का संकेत देती है।

भविष्य में रक्षा, ब्लू इकॉनमी, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सांस्कृतिक सहयोग के क्षेत्रों में भारत और सेशेल्स की साझेदारी हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देगी।


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