निर्गुण और सगुण भक्ति | एक दार्शनिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण
भारतीय भक्ति आंदोलन के दो प्रमुख ध्रुव—निर्गुण और सगुण भक्ति—धार्मिक और आध्यात्मिक चिंतन की गहरी समझ को उजागर करते हैं। निर्गुण भक्ति, जो ईश्वर को निराकार, निर्गुण, और असीम मानती है, कबीरदास, गुरू नानक, और रैदास जैसे संतों द्वारा प्रसारित की गई। इस विचारधारा में ईश्वर का कोई रूप या आकार नहीं होता, और मूर्तिपूजा … Read more