भारत में परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में 49% विदेशी निवेश | एक नई शुरुआत

परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में विदेशी निवेश

भारत वैश्विक स्तर पर एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऊर्जा की बढ़ती मांग, पर्यावरणीय चिंताओं और जलवायु परिवर्तन के खतरों को देखते हुए भारत सरकार अब ऊर्जा उत्पादन के स्रोतों में विविधता लाने के प्रयासों को तेज कर रही है। इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते … Read more

भारत-फ्रांस राफेल-एम जेट सौदा | नौसेना की ताकत में ऐतिहासिक बढ़त

भारत-फ्रांस राफेल-एम जेट सौदा

28 अप्रैल 2025 भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग के इतिहास में एक और महत्वपूर्ण दिन बनने जा रहा है। इस दिन दोनों देशों के बीच 26 राफेल-नेवल (राफेल-एम) लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए ₹63,000 करोड़ के सरकार-से-सरकार (Government-to-Government या G-to-G) समझौते को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा। यह सौदा भारतीय … Read more

स्पैगेटी बाउल परिघटना | वैश्वीकरण और मुक्त व्यापार समझौते

स्पैगेटी बाउल परिघटना' (Spaghetti Bowl Phenomenon)

वैश्वीकरण के इस युग में देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए मुक्त व्यापार समझौतों (FTAs) को एक प्रभावी उपकरण माना जाता है। इन समझौतों का उद्देश्य व्यापार बाधाओं को हटाकर आर्थिक विकास को बढ़ावा देना रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में FTAs की संख्या में तेजी से वृद्धि ने अंतरराष्ट्रीय … Read more

भारत द्वारा इस्पात आयात पर 12% टैरिफ

भारत द्वारा इस्पात आयात पर 12% टैरिफ

भारत सरकार ने 21 अप्रैल 2025 से प्रभावी एक महत्वपूर्ण नीति निर्णय के तहत कुछ विशिष्ट श्रेणियों के इस्पात उत्पादों पर 12% की अस्थायी सेफगार्ड ड्यूटी लगाने की घोषणा की है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू इस्पात उद्योग को सस्ते आयातित इस्पात से बचाना और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा को संतुलित करना है। यह निर्णय न … Read more

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के इंजीनियरिंग व परिधान निर्यात में जबरदस्त उछाल

वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के इंजीनियरिंग व परिधान निर्यात में जबरदस्त उछाल

वित्तीय वर्ष 2024–2025 भारतीय निर्यात क्षेत्र के लिए कई मायनों में ऐतिहासिक और प्रेरणादायक रहा है। वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल, व्यापार युद्धों, आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव और कई देशों के बीच बदलते व्यापारिक समीकरणों के बीच भारत ने अपने निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है, खासकर इंजीनियरिंग उत्पादों, वस्त्र (टेक्सटाइल) और परिधान (अपैरल) क्षेत्रों में। … Read more

मुद्रा का महत्व | Significance of Money

मुद्रा का महत्व

मुद्रा किसी भी अर्थव्यवस्था की धुरी है। इसके बिना न केवल व्यापार और विनिमय की क्रियाएँ असंभव हो जाती हैं, बल्कि आर्थिक संरचना भी चरमरा जाती है। आर्थिक गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मुद्रा की आवश्यकता अत्यंत अनिवार्य है। यह केवल एक विनिमय का माध्यम नहीं है, बल्कि मूल्य मापन, संचय, … Read more

मुद्रा के कार्य | Functions of Money

मुद्रा के कार्य | Functions of Money

मुद्रा की उत्पत्ति को लेकर अर्थशास्त्रियों में मतभेद रहा है। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना है कि मुद्रा का जन्म मूलतः लेखे अथवा हिसाब की इकाई (Unit of Account) या सामान्य मूल्य-मापक (Measure of Value) के रूप में हुआ। इस विचारधारा का समर्थन प्रसिद्ध अर्थशास्त्री केन्स ने भी किया है। केन्स के अनुसार, मुद्रा सिद्धांत का … Read more

मुद्रा की परिभाषा एवं सम्बन्धित विभिन्न दृष्टिकोण

मुद्रा की परिभाषा एवं सम्बन्धित विभिन्न दृष्टिकोण

आधुनिक आर्थिक प्रणाली में ‘मुद्रा’ (Money) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह केवल विनिमय का साधन नहीं, बल्कि मूल्य का मापक, क्रय शक्ति का संचय और भविष्य के भुगतानों की इकाई के रूप में भी कार्य करती है। अर्थशास्त्र के क्षेत्र में मुद्रा की परिभाषा को लेकर कई विचारधाराएँ प्रस्तुत की गई हैं। कुछ विद्वान … Read more

मुद्रा एवं सन्निकट मुद्रा | Money and Near Money

मुद्रा एवं सन्निकट मुद्रा | Money and Near Money

मुद्रा (Money) किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था का मूल स्तंभ है। यह न केवल विनिमय का माध्यम है, बल्कि मूल्य माप, भविष्य के भुगतान की इकाई, तथा मूल्य के संचय का कार्य भी करती है। परंतु आर्थिक विकास की प्रक्रिया में केवल वही तत्व महत्वपूर्ण नहीं होते जो स्पष्ट रूप से मुद्रा के रूप में कार्य … Read more

मुद्रा के प्रकार | Kinds of Money

मुद्रा के प्रकार | Kinds of Money

मुद्रा का विकास मानव सभ्यता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। प्रारंभ में वस्तुओं के आदान-प्रदान के साधन के रूप में मुद्रा का प्रयोग हुआ, परंतु समय के साथ इसके रूप, कार्य तथा महत्व में काफी परिवर्तन आया। आज के वैश्विक परिदृश्य में मुद्रा केवल एक विनिमय का साधन नहीं रह गई, बल्कि … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.