केंद्रीय बजट 2026–27: आम आदमी के लिए राहत और चुनौतियों का संतुलित दस्तावेज़

केंद्रीय बजट 2026–27: आम आदमी के लिए राहत और चुनौतियों का संतुलित दस्तावेज़

भारत की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को निर्धारित करने वाला केंद्रीय बजट 2026–27 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को संसद में प्रस्तुत किया गया। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है। एक ओर यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का 15वां बजट है, वहीं दूसरी ओर यह एनडीए सरकार के … Read more

आम बजट 2026: सेवाक्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना पर केंद्रित ऐतिहासिक बजट

आम बजट 2026: सेवाक्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और अवसंरचना पर केंद्रित ऐतिहासिक बजट

01 फरवरी 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026 प्रस्तुत किया। यह बजट कई दृष्टियों से ऐतिहासिक रहा। एक ओर जहाँ यह बजट भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दीर्घकालिक परिकल्पना को मजबूती देता है, वहीं दूसरी ओर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार आम … Read more

अमेरिका द्वारा भारत को तीन प्राचीन मूर्तियों की वापसी : सांस्कृतिक धरोहर, कानून और कूटनीति का ऐतिहासिक संगम

अमेरिका द्वारा भारत को तीन प्राचीन मूर्तियों की वापसी

सांस्कृतिक धरोहर किसी भी राष्ट्र की आत्मा होती है। मंदिर, मूर्तियाँ, पांडुलिपियाँ और कलाकृतियाँ न केवल अतीत की स्मृतियाँ हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की सांस्कृतिक पहचान का आधार भी हैं। औपनिवेशिक काल और उसके बाद के दशकों में भारत की असंख्य बहुमूल्य कलाकृतियाँ अवैध उत्खनन, तस्करी और अंतरराष्ट्रीय कला बाज़ार के माध्यम से देश … Read more

पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढंड आर्द्रभूमि: भारत के रामसर स्थलों की बढ़ती विरासत

पटना पक्षी अभयारण्य और छारी-ढंड आर्द्रभूमि: भारत के रामसर स्थलों की बढ़ती विरासत

भारत विविध पारिस्थितिक तंत्रों और जैव विविधता से समृद्ध देश है। हिमालय की बर्फीली चोटियों से लेकर समुद्री तटों, रेगिस्तानों, वनों और आर्द्रभूमियों तक—प्रकृति के लगभग सभी रूप यहाँ देखने को मिलते हैं। इन्हीं पारिस्थितिक तंत्रों में आर्द्रभूमियाँ (Wetlands) एक अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ये न केवल जैव विविधता का आश्रय स्थल हैं, बल्कि … Read more

झारखंड में गिद्धों के संरक्षण का प्रयास

झारखंड में गिद्धों के संरक्षण का प्रयास

BNHS और झारखंड वन विभाग की पहल: पारिस्थितिक संतुलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम गिद्ध भारतीय पारिस्थितिकी तंत्र के ऐसे मूक प्रहरी हैं, जिनकी उपस्थिति प्रकृति की स्वच्छता और स्वास्थ्य दोनों की गारंटी मानी जाती है। इन्हें प्रायः “प्रकृति का सफाईकर्मी” कहा जाता है, क्योंकि ये मृत पशुओं के शवों को खाकर पर्यावरण को … Read more

अल्फ़ाजीनोम (AlphaGenome): मानव डीएनए को समझने और म्यूटेशन की भविष्यवाणी करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्रांतिकारी भूमिका

अल्फ़ाजीनोम (AlphaGenome): मानव डीएनए को समझने और म्यूटेशन की भविष्यवाणी करने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की क्रांतिकारी भूमिका

21वीं सदी को यदि डेटा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सदी कहा जाए, तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने चिकित्सा, अंतरिक्ष, रक्षा, शिक्षा और उद्योग जैसे अनेक क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति की है। अब यही तकनीक मानव जीवन की सबसे जटिल संरचना—डीएनए (DNA)—को समझने और विश्लेषित करने में निर्णायक भूमिका निभा रही … Read more

खींचना महोत्सव: परंपरा, आधुनिकता और बाल अधिकारों के बीच जटिल संघर्ष

खींचना महोत्सव: परंपरा, आधुनिकता और बाल अधिकारों के बीच जटिल संघर्ष

भारत विविधताओं का देश है, जहाँ हर क्षेत्र, हर समुदाय और हर जनजाति की अपनी विशिष्ट परंपराएँ, उत्सव और सामाजिक व्यवस्थाएँ हैं। ये परंपराएँ न केवल सांस्कृतिक पहचान का आधार होती हैं, बल्कि सामुदायिक जीवन, रिश्तों और मूल्यों को भी दिशा देती हैं। किंतु जब परंपरा और आधुनिक संवैधानिक मूल्यों—विशेषकर बाल अधिकारों, शिक्षा और स्वास्थ्य—के … Read more

पंजाब केसरी लाला लाजपत राय: मातृभूमि के अमर सपूत की 161वीं जयंती पर विशेष लेख

पंजाब केसरी लाला लाजपत राय: मातृभूमि के अमर सपूत की 161वीं जयंती पर विशेष लेख

भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल राजनीतिक आंदोलनों का इतिहास नहीं है, बल्कि यह उन महान व्यक्तित्वों की गाथा है जिन्होंने अपने विचारों, त्याग, संघर्ष और बलिदान से राष्ट्र की आत्मा को जागृत किया। ऐसे ही एक महान क्रांतिकारी, विचारक, समाज सुधारक, शिक्षाविद् और राष्ट्रवादी नेता थे ‘पंजाब केसरी’ लाला लाजपत राय। उनकी 161वीं जयंती के … Read more

केरल द्वारा बेसिलस सब्टिलिस को राज्य सूक्ष्मजीव घोषित करना

केरल द्वारा बेसिलस सब्टिलिस को राज्य सूक्ष्मजीव घोषित करना : विज्ञान, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय चेतना की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल

विज्ञान, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय चेतना की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल आधुनिक विज्ञान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पृथ्वी पर जीवन का आधार केवल दृश्य जैविक तत्व—जैसे वनस्पति, पशु या मानव—ही नहीं हैं, बल्कि वे अदृश्य सूक्ष्मजीव भी हैं जो हमारे चारों ओर, हमारे भीतर और हमारे पर्यावरण में निरंतर सक्रिय रहते हैं। … Read more

हिमालयी वनों में मशरूम की नई प्रजाति Hemileccinum indicum की खोज: भारत की फंगल जैव-विविधता में एक नया अध्याय

हिमालयी वनों में मशरूम की नई प्रजाति Hemileccinum indicum की खोज: भारत की फंगल जैव-विविधता में एक नया अध्याय

प्रकृति का संसार जितना विशाल है, उतना ही रहस्यमय भी। मानव सभ्यता ने जीव-जगत की अनेक प्रजातियों की पहचान कर ली है, किंतु आज भी पृथ्वी पर असंख्य जीव ऐसे हैं जिनका वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण नहीं हो पाया है। विशेष रूप से कवक (Fungi) जगत—जिसे लंबे समय तक वनस्पति और जीव-जगत के बीच एक उपेक्षित वर्ग … Read more

सर्वनाम (Pronoun) किसे कहते है? परिभाषा, भेद एवं उदाहरण भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग | नाम, स्थान एवं स्तुति मंत्र प्रथम विश्व युद्ध: विनाशकारी महासंग्राम | 1914 – 1918 ई.