जयशंकर प्रसाद कृत ‘लहर’ (काव्य-संग्रह) : संपूर्ण परिचय, प्रमुख कविताएँ, विशेषताएँ एवं महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर
हिंदी साहित्य के इतिहास में छायावाद एक स्वर्णिम युग के रूप में प्रतिष्ठित है। इस युग ने काव्य को आत्मानुभूति, प्रकृति-सौंदर्य, रहस्य-चेतना और मानवीय संवेदनाओं की नई दिशा प्रदान की। इस युग के चार प्रमुख स्तंभों—जयशंकर प्रसाद, सुमित्रानंदन पंत, महादेवी वर्मा और सूर्यकांत त्रिपाठी निराला—में जयशंकर प्रसाद का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। उन्होंने न केवल … Read more