शीतकालीन खेलों की दुनिया का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित आयोजन 2026 Winter Olympics, जिन्हें आधिकारिक रूप से “XXV ओलंपिक विंटर गेम्स” तथा लोकप्रिय रूप से “मिलानो–कोर्तिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक” (Milano Cortina 2026) कहा जाता है, 6 से 22 फरवरी 2026 तक इटली के दो ऐतिहासिक शहरों Milan और Cortina d’Ampezzo में भव्य रूप से आयोजित किए गए।
लगभग 92 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (NOCs) के करीब 2,900 खिलाड़ियों ने इस वैश्विक खेल महाकुंभ में भाग लिया। 8 प्रमुख खेलों और 16 विधाओं के अंतर्गत कुल 116 पदक स्पर्धाएं आयोजित की गईं। व्यापक भागीदारी, उच्च स्तरीय प्रतिस्पर्धा और खेलों की विविधता के कारण यह संस्करण शीतकालीन ओलंपिक इतिहास के सबसे व्यापक, रोमांचक और यादगार आयोजनों में से एक सिद्ध हुआ।
आयोजन की पृष्ठभूमि और महत्व
इटली ने इससे पहले 1956 में कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो और 2006 में ट्यूरिन में शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी की थी। 2026 का संस्करण इटली के लिए एक बार फिर अपनी खेल विरासत को प्रदर्शित करने और आधुनिक अवसंरचना व सतत विकास के मॉडल को प्रस्तुत करने का अवसर था।
मिलान, जो इटली का आर्थिक और फैशन केंद्र है, और कॉर्टिना डी’अम्पेज़ो, जो डोलोमाइट पर्वतों की गोद में बसा विश्वप्रसिद्ध स्की रिसॉर्ट है, ने मिलकर इस आयोजन को अनूठा रूप दिया।
इन खेलों में तकनीकी नवाचार, पर्यावरणीय संतुलन और डिजिटल प्रसारण के नए आयाम देखने को मिले।
मिलानो–कोर्तिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक: नाम और आधिकारिक पहचान
2026 Winter Olympics को आधिकारिक रूप से “XXV ओलंपिक विंटर गेम्स” कहा जाता है, जबकि लोकप्रिय और आयोजन-आधारित नाम “मिलानो–कोर्तिना 2026 शीतकालीन ओलंपिक” है।
नामकरण का आधार
- “मिलानो” इटली के प्रमुख महानगर मिलान का इतालवी नाम है।
- “कोर्तिना” डोलोमाइट पर्वतों में स्थित विश्वप्रसिद्ध शीतकालीन खेल नगर कोर्तिना डी’अम्पेज़ो को दर्शाता है।
- वर्ष “2026” आयोजन के वर्ष को इंगित करता है।
आधिकारिक ब्रांडिंग
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) और आयोजन समिति ने इसे वैश्विक स्तर पर “Milano Cortina 2026” ब्रांड नाम से प्रचारित किया। यह नाम इटली की सांस्कृतिक विरासत, आधुनिकता और पर्वतीय खेल परंपरा—दोनों का संतुलित प्रतिनिधित्व करता है।
ऐतिहासिक महत्व
- कोर्तिना डी’अम्पेज़ो ने 1956 में शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी की थी।
- इटली ने 2006 में ट्यूरिन में भी विंटर ओलंपिक आयोजित किए थे।
- 2026 का संस्करण इटली के लिए तीसरी बार शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी का गौरव लेकर आया।
2026 विंटर ओलंपिक्स: मेडल स्टैंडिंग में टॉप 10 देश
नीचे दी गई तालिका 2026 शीतकालीन ओलंपिक में शीर्ष 10 देशों की आधिकारिक पदक स्थिति को दर्शाती है:
| रैंक | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | नॉर्वे | 18 | 12 | 11 | 41 |
| 2 | संयुक्त राज्य अमेरिका | 12 | 12 | 9 | 33 |
| 3 | नीदरलैंड्स | 10 | 7 | 3 | 20 |
| 4 | इटली | 10 | 6 | 14 | 30 |
| 5 | जर्मनी | 8 | 10 | 8 | 26 |
| 6 | फ्रांस | 8 | 9 | 6 | 23 |
| 7 | स्वीडन | 8 | 6 | 4 | 18 |
| 8 | स्विट्जरलैंड | 6 | 9 | 8 | 23 |
| 9 | ऑस्ट्रिया | 5 | 8 | 5 | 18 |
| 10 | जापान | 5 | 7 | 12 | 24 |
नॉर्वे – निर्विवाद अग्रणी
शीतकालीन खेलों में यदि किसी देश का नाम सबसे पहले लिया जाता है तो वह है Norway। 2026 के खेलों में भी नॉर्वे ने अपनी पारंपरिक श्रेष्ठता को दोहराते हुए कुल 41 पदक जीते, जिनमें 18 स्वर्ण पदक शामिल थे।
नॉर्वे की प्रमुख ताकतें
- क्रॉस-कंट्री स्कीइंग
- बायथलॉन
- नॉर्डिक कंबाइंड
नॉर्वे की सफलता का आधार उसकी मजबूत जमीनी खेल संरचना, युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और वैज्ञानिक प्रशिक्षण प्रणाली है। कठोर जलवायु और स्की संस्कृति ने देश को शीतकालीन खेलों का स्वाभाविक पावरहाउस बना दिया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका – शानदार ऑल-राउंड प्रदर्शन
United States ने 33 पदकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। अमेरिका की ताकत उसकी बहुआयामी खेल क्षमता है।
उल्लेखनीय खेल
- स्नोबोर्डिंग
- अल्पाइन स्कीइंग
- आइस हॉकी
अमेरिका ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में संतुलित प्रदर्शन किया। विशेषकर स्नोबोर्डिंग में युवा खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीकी कौशल का प्रदर्शन किया।
नीदरलैंड्स – स्पीड स्केटिंग का पावरहाउस
Netherlands ने एक बार फिर स्पीड स्केटिंग में अपनी बादशाहत कायम रखी। कुल 10 स्वर्ण पदक जीतकर उसने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
स्पीड स्केटिंग में नीदरलैंड्स की परंपरा और प्रशिक्षण प्रणाली विश्व में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। छोटे से देश ने सीमित खेलों में विशेषज्ञता के दम पर बड़ा प्रभाव छोड़ा।
इटली – मेजबान देश की शानदार सफलता
मेजबान देश Italy ने घरेलू दर्शकों के उत्साह और समर्थन का पूरा लाभ उठाया।
- कुल पदक: 30
- स्वर्ण: 10
- कांस्य: 14
कांस्य पदकों की अधिक संख्या ने यह दिखाया कि इटली ने कई स्पर्धाओं में निरंतरता बनाए रखी। अल्पाइन स्कीइंग और ल्यूज में विशेष प्रदर्शन देखने को मिला।
जर्मनी, फ्रांस और स्वीडन – यूरोपीय ताकत
Germany (26 पदक) ने स्लेज, बायथलॉन और स्कीइंग में मजबूती दिखाई।
France (23 पदक) ने अल्पाइन और बायथलॉन में संतुलित प्रदर्शन किया।
Sweden (18 पदक) ने क्रॉस-कंट्री और आइस स्पर्धाओं में उत्कृष्टता दिखाई।
स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रिया और जापान
Switzerland (23 पदक) ने अल्पाइन स्कीइंग में अपना दबदबा कायम रखा।
Austria (18 पदक) ने पारंपरिक स्की स्पर्धाओं में मजबूत उपस्थिति दर्ज की।
Japan (24 पदक) ने स्की जंपिंग और फिगर स्केटिंग में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया।
अन्य उल्लेखनीय प्रदर्शन
- Canada – 21 पदक
- China – 15 पदक
- South Korea – 10 पदक
- Australia – 6 पदक
- Great Britain – 5 पदक
इन देशों ने सीमित खेलों में विशेषज्ञता के आधार पर उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।
पहली या दुर्लभ स्वर्ण पदक जीतने वाले देश
2026 विंटर ओलंपिक्स कई देशों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।
- Spain – 1 स्वर्ण
- Brazil – 1 स्वर्ण
- Kazakhstan – 1 स्वर्ण
इन देशों के लिए यह उपलब्धि केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह शीतकालीन खेलों में उनके बढ़ते निवेश और तैयारी का परिणाम थी।
रजत पदक विजेता (बिना स्वर्ण के)
कुछ देशों ने स्वर्ण भले ही न जीते हों, लेकिन रजत पदकों के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई—
- Poland – 3 रजत
- New Zealand – 2 रजत
- Finland – 1 रजत
बिना पदक वाले देश
कई देशों को इस बार पदक तालिका में स्थान नहीं मिला, जिनमें शामिल हैं:
- India
- Argentina
- South Africa
- Portugal
हालांकि, ओलंपिक में भागीदारी स्वयं में एक बड़ी उपलब्धि है।
2026 विंटर ओलंपिक्स की प्रमुख विशेषताएं
1. रिकॉर्ड भागीदारी
92 देशों की भागीदारी ने इसे वैश्विक विविधता का प्रतीक बनाया।
2. लैंगिक संतुलन
पुरुष और महिला खिलाड़ियों की संख्या लगभग समान रही।
3. नई तकनीक
AI आधारित प्रदर्शन विश्लेषण, स्मार्ट ट्रैकिंग और डिजिटल प्रसारण ने दर्शकों का अनुभव बेहतर बनाया।
4. पर्यावरणीय स्थिरता
इटली ने कार्बन-न्यूट्रल आयोजन का लक्ष्य रखा और मौजूदा स्टेडियमों का पुन: उपयोग किया।
निष्कर्ष
2026 Winter Olympics केवल एक खेल आयोजन नहीं था, बल्कि यह वैश्विक एकता, प्रतिस्पर्धा और खेल भावना का उत्सव था।
नॉर्वे की बादशाहत, अमेरिका की बहुआयामी ताकत, नीदरलैंड्स की विशेषज्ञता और इटली की मेजबानी—इन सभी ने मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
यह संस्करण आने वाले वर्षों में शीतकालीन खेलों के विकास, तकनीकी उन्नति और वैश्विक सहभागिता के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा।
2026 के ये खेल यह साबित करते हैं कि खेल सीमाओं से परे हैं—वे संस्कृति, राष्ट्र और मानवता को एक सूत्र में पिरोने की शक्ति रखते हैं।
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