छायावादोत्तर युग (शुक्लोत्तर युग: 1936–1947 ई.) | कवि और उनकी रचनाएँ
हिंदी साहित्य का इतिहास अनेक युगों, प्रवृत्तियों और आंदोलनों से समृद्ध रहा है। इन सबके बीच छायावादोत्तर युग अथवा शुक्लोत्तर युग (1936–1947) को एक अत्यंत महत्वपूर्ण परिवर्तनशील कालखंड के रूप में देखा जाता है। यह वह समय था जब हिंदी कविता छायावाद की सीमाओं से बाहर निकलकर नए विमर्शों, विषयों और प्रयोगों की ओर अग्रसर … Read more