सिद्ध साहित्य: हिन्दी साहित्य का आदिरूप और सामाजिक चेतना का संवाहक
सिद्ध साहित्य हिन्दी साहित्य की आदिम कड़ी है, जो न केवल साहित्यिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना की दृष्टि से भी अत्यंत मूल्यवान है। यह साहित्य भारत में बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा से संबद्ध सिद्ध साधकों द्वारा रचित है, जो विशेषतः भारत के पूर्वी भाग—बिहार, बंगाल और असम—में सक्रिय … Read more