Devika Srivastava

Hindi Educator | Hindi Grammar Expert | Content Writer

About Author

देविका श्रीवास्तव (Devika Srivastava) हिंदी विषय की एक अनुभवी शिक्षिका (Educator) और कंटेंट राइटर हैं, जिन्होंने M.A. (Hindi), M.A. (Sociology), B.Ed. तथा B.A. (Hindi, Sociology, Political Science) और B.A. (Sanskrit – Single Subject) की शिक्षा प्राप्त की है। इन्हें हिंदी व्याकरण, साहित्य, संस्कृत एवं शिक्षा क्षेत्र में गहरी समझ और कई वर्षों का अनुभव है। देविका जी ने विद्यालय स्तर पर कई वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षण कार्य प्रदान किया है, जिससे उन्हें बच्चों की सीखने की प्रक्रिया, उनकी आवश्यकताओं तथा प्रभावी शिक्षण विधियों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ है। इस अनुभव के आधार पर वे विषयों को सरल, स्पष्ट और विद्यार्थियों के अनुकूल तरीके से प्रस्तुत करती हैं। देविका जी विशेष रूप से हिंदी व्याकरण, संस्कृत, बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (CDP - Child Development and Pedagogy) तथा अन्य शैक्षिक विषयों पर लेख लिखती हैं, जिससे विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को विषय समझने में आसानी होती है। इनका उद्देश्य छात्रों को विश्वसनीय, सटीक और उपयोगी जानकारी प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

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हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में जिन कवियों ने अपनी ओजस्वी वाणी और राष्ट्रीय चेतना…

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सुमित्रानन्दन पन्त की ‘गीत विहग’ कविता का काव्य-सौन्दर्य, भावार्थ और संदेश

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हिंदी साहित्य के छायावादी युग के प्रमुख स्तंभों में से एक सुमित्रानन्दन पन्त प्रकृति, सौन्दर्य,…

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‘बापू के प्रति’ कविता के भाव एवं विचार — सुमित्रानन्दन पन्त द्वारा महात्मा गाँधी के व्यक्तित्व का काव्यात्मक निरूपण

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'परिवर्तन’ कविता का कथ्य, शिल्प एवं काव्य-सौन्दर्य : दार्शनिक दृष्टि से विस्तृत विवेचन

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‘परिवर्तन’ सुमित्रानन्दन पन्त की अत्यंत महत्त्वपूर्ण और दीर्घ कविता है, जो उनके प्रसिद्ध काव्य-संग्रह पल्लव…

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पन्त काव्य में प्रकृति-चित्रण : सुकुमारता, विविध रूप और काव्य-सौन्दर्य का समालोचनात्मक विवेचन

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हिन्दी साहित्य के छायावादी युग के चार प्रमुख स्तंभों में सुमित्रानन्दन पन्त का नाम अत्यंत…

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सुमित्रानन्दन पन्त : जीवन परिचय, साहित्यिक योगदान, कृतियाँ एवं भाषा-शैली

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हिन्दी साहित्य के छायावादी युग में यदि प्रकृति की कोमलतम छवियों को शब्दों में मूर्त…

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गोदान उपन्यास | भाग 33 – मुंशी प्रेमचंद

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08 Jun 2024 HINDI

33.डाक्टर मेहता परीक्षक से परीक्षार्थी हो गये हैं। मालती से दूर-दूर रहकर उन्हें ऐसी शंका होने लगी है…

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गोदान उपन्यास | भाग 32 – मुंशी प्रेमचंद

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08 Jun 2024 HINDI

32.मिरज़ा खुर्शेद ने अस्पताल से निकलकर एक नया काम शुरू कर दिया था। निश्चिन्त बैठना उनके स्वभाव में…

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गोदान उपन्यास | भाग 31 – मुंशी प्रेमचंद

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08 Jun 2024 HINDI

31.राय साहब का सितारा बुलन्द था। उनके तीनों मंसूबे पूरे हो गये थे। कन्या की शादी धूम-धाम से…

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गोदान उपन्यास | भाग 30 – मुंशी प्रेमचंद

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16 May 2024 HINDI

30.मिल क़रीब-क़रीब पूरी जल चुकी है; लेकिन उसी मिल को फिर से खड़ा करना होगा। मिस्टर खन्ना ने…

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गोदान उपन्यास | भाग 29 – मुंशी प्रेमचंद

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11 May 2024 HINDI

29.नोहरी उन औरतों में न थी, जो नेकी करके दरिया में डाल देती है। उसने नेकी की है,…

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गोदान उपन्यास | भाग 28 – मुंशी प्रेमचंद

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10 May 2024 HINDI

28मिस्टर खन्ना को मजूरों की यह हड़ताल बिलकुल बेजा मालूम होती थी। उन्होंने हमेशा जनता के साथ मिले…

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गोदान उपन्यास | भाग 27 – मुंशी प्रेमचंद

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06 May 2024 HINDI

27गोबर को शहर आने पर मालूम हुआ कि जिस अड्डे पर वह अपना खोंचा लेकर बैठता था, वहाँ…

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गोदान उपन्यास | भाग 26 – मुंशी प्रेमचंद

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04 May 2024 HINDI

26लाला पटेश्वरी पटवारी-समुदाय के सद् गुणों के साक्षात् अवतार थे। वह यह न देख सकते थे कि कोई…

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गोदान उपन्यास | भाग 25 – मुंशी प्रेमचंद

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04 May 2024 HINDI

25भोला इधर दूसरी सगाई लाये थे। औरत के बग़ैर उनका जीवन नीरस था। जब तक झुनिया थी, उन्हें…

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गोदान उपन्यास | भाग 24 – मुंशी प्रेमचंद

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02 May 2024 HINDI

24.सोना सत्रहवें साल में थी और इस साल उसका विवाह करना आवश्यक था। होरी तो दो साल से…

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