भारत में युवा लेखकों के सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त पहल
किसी भी राष्ट्र की बौद्धिक, सांस्कृतिक और वैचारिक प्रगति में लेखकों और विचारकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। इतिहास साक्षी है कि जब भी किसी समाज में सृजनशील विचारों को संरक्षण और प्रोत्साहन मिला है, वहाँ ज्ञान, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को नई दिशा प्राप्त हुई है। भारत जैसे सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और भाषाई विविधता से परिपूर्ण देश में लेखन केवल साहित्यिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना, ऐतिहासिक स्मृति और राष्ट्रीय आत्मबोध का सशक्त माध्यम है।
इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री युवा लेखक मेंटरशिप योजना (PM-YUVA) की शुरुआत की। वर्ष 2025-26 में इसके तीसरे संस्करण – PM-YUVA 3.0 के परिणामों की घोषणा के साथ यह योजना एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। यह योजना न केवल युवाओं को लेखन के क्षेत्र में अवसर प्रदान करती है, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर गंभीर लेखन के लिए प्रेरित करती है।
PM-YUVA योजना का परिचय
प्रधानमंत्री युवा लेखक मेंटरशिप योजना (PM-YUVA 3.0), शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संचालित एक प्रमुख राष्ट्रीय योजना है। इसका क्रियान्वयन शिक्षा मंत्रालय के अधीन नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा किया जाता है। यह योजना राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार की गई है, जिसमें रचनात्मकता, बहुभाषिकता और ज्ञान परंपरा को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया गया है।
इस योजना का मूल उद्देश्य है—
- 30 वर्ष से कम आयु के प्रतिभाशाली युवा लेखकों की पहचान करना
- उन्हें अनुभवी लेखकों और विषय विशेषज्ञों के माध्यम से मार्गदर्शन (Mentorship) प्रदान करना
- गुणवत्तापूर्ण, शोध आधारित और राष्ट्र निर्माण से जुड़े साहित्य का सृजन करना
PM-YUVA 3.0 योजना का विजन और दर्शन
PM-YUVA 3.0 योजना का व्यापक विजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करना है। यह योजना भारत को एक ज्ञान आधारित समाज (Knowledge-based Society) और ‘विश्व गुरु’ (Vishwa Guru) के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बौद्धिक आधार तैयार करती है।
इस योजना के पीछे यह विचार निहित है कि—
- भारत की युवा पीढ़ी में अपार बौद्धिक क्षमता है
- यदि उन्हें सही मार्गदर्शन, मंच और संसाधन उपलब्ध कराए जाएँ, तो वे वैश्विक स्तर पर भारतीय विचारों का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं
- लेखन के माध्यम से भारत की ज्ञान परंपरा, इतिहास और आधुनिक उपलब्धियों को संरक्षित और प्रचारित किया जा सकता है
PM-YUVA 3.0 के परिणामों की घोषणा (दिसंबर 2025)
दिसंबर 2025 में नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा PM-YUVA 3.0 के परिणामों की घोषणा की गई। यह चयन प्रक्रिया अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित एक प्रतियोगिता के माध्यम से पूरी की गई।
चयनित लेखकों की संख्या और लैंगिक प्रतिनिधित्व
- कुल चयनित युवा लेखक: 43
- महिला लेखक: 19
- पुरुष लेखक: 24
यह आँकड़ा इस बात का प्रमाण है कि योजना में लैंगिक संतुलन और समावेशिता को प्राथमिकता दी गई है।
भाषाई विविधता और बहुभाषिकता का सम्मान
PM-YUVA 3.0 की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका भाषाई समावेशन है। चयन प्रक्रिया में लेखकों का चयन—
- 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं
- तथा अंग्रेजी भाषा
में किया गया है।
इन भाषाओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं—
यह पहल भारत की बहुभाषिक पहचान को मजबूत करती है और यह सुनिश्चित करती है कि ज्ञान सृजन केवल कुछ चुनिंदा भाषाओं तक सीमित न रहे।
चयन प्रक्रिया: गुणवत्ता और विशेषज्ञता पर आधारित
PM-YUVA 3.0 में लेखकों का चयन एक पारदर्शी और गुणात्मक प्रक्रिया के माध्यम से किया गया।
पुस्तक प्रस्ताव (Book Proposal)
- प्रत्येक प्रतिभागी को 10,000 शब्दों का पुस्तक प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनिवार्य था।
- यह प्रस्ताव विचार की मौलिकता, शोध की गहराई और लेखन शैली के आधार पर मूल्यांकित किया गया।
विशेषज्ञ समिति की भूमिका
- NBT द्वारा गठित एक विशेषज्ञ समिति ने सभी प्रस्तावों का मूल्यांकन किया।
- समिति में अनुभवी लेखक, शिक्षाविद और विषय विशेषज्ञ शामिल थे।
PM-YUVA 3.0 का विषयगत फोकस: नॉन-फिक्शन लेखन
PM-YUVA 3.0 संस्करण को विशेष रूप से नॉन-फिक्शन (सत्यकथा) लेखन पर केंद्रित किया गया। इसके अंतर्गत तीन प्रमुख विषय स्तंभ निर्धारित किए गए—
1. राष्ट्र निर्माण में भारतीय प्रवासियों का योगदान
इस विषय के अंतर्गत—
- वैश्विक स्तर पर बसे भारतीयों की भूमिका
- आर्थिक, सांस्कृतिक और तकनीकी योगदान
- प्रवासी भारतीयों और भारत के संबंध
जैसे पहलुओं पर लेखन को प्रोत्साहित किया गया।
2. भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System – IKS)
इस स्तंभ का उद्देश्य—
- प्राचीन भारतीय विज्ञान, दर्शन, गणित, चिकित्सा और पर्यावरण ज्ञान को पुनः सामने लाना
- पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के समन्वय को दर्शाना
3. आधुनिक भारत के निर्माता (1950-2025)
इस विषय के अंतर्गत—
- स्वतंत्रता के बाद भारत के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक निर्माण में योगदान देने वाले व्यक्तित्व
- संस्थागत विकास और नीतिगत परिवर्तन
पर आधारित लेखन शामिल है।
राष्ट्रीय शिविर: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026
चयनित लेखकों के लिए 10 से 18 जनवरी 2026 के दौरान—
- नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला
- एक राष्ट्रीय मेंटरशिप शिविर का आयोजन किया जाएगा।
इस शिविर में—
- अनुभवी लेखकों द्वारा कार्यशालाएँ
- संपादन, शोध और प्रकाशन प्रक्रिया का प्रशिक्षण
- लेखकों के बीच संवाद और नेटवर्किंग
जैसी गतिविधियाँ आयोजित होंगी।
मेंटोरशिप और वित्तीय सहायता
PM-YUVA 3.0 योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक लेखक को—
- 6 महीने की मेंटरशिप अवधि
- ₹50,000 प्रति माह की छात्रवृत्ति
प्रदान की जाती है।
इस प्रकार—
- कुल वित्तीय सहायता: ₹3,00,000 प्रति लेखक
यह सहायता युवाओं को आर्थिक चिंता से मुक्त होकर गुणवत्तापूर्ण लेखन पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करती है।
प्रकाशन और रॉयल्टी की व्यवस्था
- योजना के अंतर्गत तैयार की गई पुस्तकों का प्रकाशन नेशनल बुक ट्रस्ट (NBT) द्वारा किया जाएगा।
- प्रत्येक लेखक को उनकी पुस्तक की बिक्री पर 10% आजीवन रॉयल्टी दी जाएगी।
यह व्यवस्था लेखकों को दीर्घकालिक आर्थिक प्रोत्साहन प्रदान करती है।
MyGov प्लेटफॉर्म और डिजिटल सहभागिता
PM-YUVA योजना में लेखकों का चयन—
- MyGov प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजित प्रतियोगिता द्वारा किया जाता है।
यह प्रक्रिया—
- पारदर्शिता सुनिश्चित करती है
- देश के कोने-कोने से युवाओं को समान अवसर प्रदान करती है
PM-YUVA 3.0 का व्यापक महत्व
- युवा लेखकों का सशक्तिकरण
- भारतीय भाषाओं का संवर्धन
- शोध आधारित नॉन-फिक्शन लेखन को बढ़ावा
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों की पूर्ति
- भारत की ज्ञान परंपरा का वैश्विक प्रसार
निष्कर्ष
PM-YUVA 3.0 योजना भारत में लेखन संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह योजना न केवल युवा लेखकों को मंच प्रदान करती है, बल्कि उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय सहभागी बनाती है। बहुभाषिकता, नॉन-फिक्शन लेखन और भारतीय ज्ञान परंपरा पर केंद्रित यह योजना भविष्य में भारत को एक वैचारिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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