भारत में महिलाओं की कार्यबल में बढ़ती भागीदारी के साथ कार्यस्थल पर उनकी सुरक्षा, गरिमा और समान अवसर सुनिश्चित करना एक अत्यंत महत्वपूर्ण सामाजिक और प्रशासनिक आवश्यकता बन गई है। इसी दिशा में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनमें SHe-Box (Sexual Harassment electronic Box) पोर्टल एक प्रमुख पहल के रूप में उभरा है। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ‘कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा’ विषयक राष्ट्रीय सम्मेलन में इस पोर्टल के संशोधित संस्करण और इसके नए फीचर्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह पोर्टल न केवल यौन उत्पीड़न की शिकायतों के त्वरित निवारण का माध्यम है, बल्कि कार्यस्थलों पर लैंगिक समानता और सुरक्षित वातावरण स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त डिजिटल प्लेटफॉर्म भी है।
इस लेख में SHe-Box पोर्टल के परिचय, उद्देश्य, संवैधानिक आधार, विशेषताओं, वर्तमान स्थिति, PoSH अधिनियम के साथ इसके संबंध तथा महिलाओं की सुरक्षा के व्यापक परिप्रेक्ष्य में इसकी भूमिका का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया जा रहा है।
राष्ट्रीय सम्मेलन और SHe-Box पोर्टल का पुनः उन्नयन
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर नीति-निर्माताओं, संस्थानों, विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच संवाद स्थापित करना था। इस सम्मेलन में संशोधित SHe-Box पोर्टल के नए फीचर्स को प्रस्तुत किया गया, जो इसे अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल, पारदर्शी और प्रभावी बनाते हैं।
यह सम्मेलन इस तथ्य को भी रेखांकित करता है कि भारत में महिलाओं की कार्यस्थलों पर उपस्थिति लगातार बढ़ रही है और ऐसे में उनके लिए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। SHe-Box पोर्टल इसी दिशा में एक सिंगल विंडो डिजिटल समाधान के रूप में विकसित किया गया है।
SHe-Box पोर्टल का परिचय
SHe-Box (Sexual Harassment electronic Box) पोर्टल महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक अनूठी और अभिनव डिजिटल पहल है। यह पोर्टल कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न की शिकायतों को दर्ज करने, ट्रैक करने और उनके निवारण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।
यह एक केंद्रीकृत ऑनलाइन मंच है, जहां किसी भी कार्यरत महिला—चाहे वह सरकारी क्षेत्र, निजी क्षेत्र या असंगठित क्षेत्र से संबंधित हो—अपनी शिकायत दर्ज कर सकती है। इस पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह शिकायतों के निवारण के लिए एक ‘सिंगल विंडो एक्सेस’ प्रदान करता है, जिससे शिकायत प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
SHe-Box पोर्टल की आवश्यकता क्यों पड़ी?
भारत में लंबे समय तक कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले यौन उत्पीड़न के मामलों की रिपोर्टिंग कम रही है। इसके पीछे कई कारण रहे हैं, जैसे—
- सामाजिक दबाव
- संस्थागत समर्थन की कमी
- शिकायत दर्ज करने की जटिल प्रक्रिया
- प्रतिशोध का डर
- जागरूकता का अभाव
ऐसी स्थिति में एक ऐसा मंच आवश्यक था जो गोपनीय, सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी हो। SHe-Box पोर्टल ने इन सभी समस्याओं का समाधान प्रदान किया है। यह पोर्टल शिकायतकर्ता महिला को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे संबंधित प्राधिकरण तक अपनी शिकायत पहुँचाने की सुविधा देता है।
SHe-Box पोर्टल का मुख्य उद्देश्य
SHe-Box पोर्टल का प्रमुख उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 यानी PoSH अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है। इसके अतिरिक्त इसके अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य निम्नलिखित हैं—
- कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
- शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल बनाना
- त्वरित और पारदर्शी निवारण तंत्र विकसित करना
- संस्थानों की जवाबदेही बढ़ाना
- लैंगिक समानता को बढ़ावा देना
- सुरक्षित कार्य वातावरण का निर्माण करना
यह पोर्टल महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण है।
संवैधानिक आधार: समानता और गरिमा की रक्षा
SHe-Box पोर्टल भारतीय संविधान की मूल भावना के अनुरूप कार्य करता है। यह पोर्टल विशेष रूप से निम्नलिखित संवैधानिक प्रावधानों को मजबूत करता है—
अनुच्छेद 14 – समानता का अधिकार
यह अनुच्छेद सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता और कानून के समान संरक्षण का अधिकार प्रदान करता है। SHe-Box पोर्टल महिलाओं को न्याय प्राप्त करने का समान अवसर देता है।
अनुच्छेद 15 – भेदभाव का निषेध
यह अनुच्छेद राज्य को लिंग के आधार पर भेदभाव करने से रोकता है। यह पोर्टल महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए लैंगिक न्याय को सुनिश्चित करता है।
अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार
यह अनुच्छेद गरिमा के साथ जीने के अधिकार की गारंटी देता है। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न महिलाओं की गरिमा का उल्लंघन है, जिसे रोकने में यह पोर्टल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस प्रकार SHe-Box पोर्टल केवल एक प्रशासनिक उपकरण ही नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों का व्यावहारिक क्रियान्वयन भी है।
SHe-Box पोर्टल की प्रमुख विशेषताएं
1. व्यापक कवरेज (Wide Coverage)
SHe-Box पोर्टल की सबसे बड़ी विशेषता इसका व्यापक दायरा है। यह केवल सरकारी कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निम्नलिखित सभी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए उपलब्ध है—
- केंद्र सरकार
- राज्य सरकार
- निजी क्षेत्र
- सार्वजनिक उपक्रम
- असंगठित क्षेत्र
इससे देश की लगभग हर कार्यरत महिला को एक समान मंच मिलता है।
2. प्रत्यक्ष शिकायत दर्ज करने की सुविधा
इस पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत सीधे संबंधित संस्थान की आंतरिक समिति (Internal Committee) या जिला स्तर की स्थानीय समिति (Local Committee) को स्वतः भेज दी जाती है। इससे शिकायत प्रक्रिया में बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है और शिकायतकर्ता को अनावश्यक प्रशासनिक जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ता।
3. रीयल-टाइम ट्रैकिंग प्रणाली
SHe-Box पोर्टल की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विशेषता इसकी रीयल-टाइम ट्रैकिंग सुविधा है। शिकायत दर्ज करने के बाद महिला स्वयं अपनी शिकायत की स्थिति और प्रगति की निगरानी कर सकती है। यह सुविधा पारदर्शिता बढ़ाती है और संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित करती है।
4. केंद्रीय डेटा रिपॉजिटरी के रूप में कार्य
यह पोर्टल PoSH अधिनियम के तहत संस्थानों के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस के रूप में भी कार्य करता है। संस्थान इस पर निम्नलिखित जानकारी अपलोड कर सकते हैं—
- आंतरिक समिति का गठन
- वार्षिक रिपोर्ट
- निवारण से संबंधित आंकड़े
इससे सरकार को देशभर में PoSH अधिनियम के क्रियान्वयन की निगरानी करने में सहायता मिलती है।
5. मिशन शक्ति ऐप के साथ एकीकरण
SHe-Box पोर्टल को ‘मिशन शक्ति’ ऐप के साथ एकीकृत किया गया है, जिससे मोबाइल उपयोगकर्ताओं के लिए इसकी पहुँच और अधिक आसान हो गई है। अब महिलाएं मोबाइल के माध्यम से भी अपनी शिकायत दर्ज कर सकती हैं, जिससे डिजिटल पहुंच और समावेशिता बढ़ती है।
6. पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि
यह पोर्टल संस्थानों को शिकायतों के निपटान की समय-सीमा का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। इससे संस्थागत पारदर्शिता और प्रशासनिक उत्तरदायित्व दोनों में वृद्धि होती है।
वर्तमान आंकड़े और उपलब्धियां
राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार SHe-Box पोर्टल ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है—
- 1.48 लाख से अधिक संस्थान पोर्टल पर पंजीकृत हैं
- 60,000 से अधिक आंतरिक समितियाँ सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं
- पिछले 6 वर्षों में महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) 23% से बढ़कर 42% हो गई है
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि कार्यस्थल पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह पोर्टल अत्यंत प्रासंगिक और प्रभावी साबित हो रहा है।
PoSH अधिनियम, 2013: कानूनी ढांचा
SHe-Box पोर्टल का सीधा संबंध कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 से है, जिसे सामान्यतः PoSH Act कहा जाता है। यह अधिनियम महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल प्रदान करने के लिए भारत में बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है।
विशाखा दिशानिर्देशों की पृष्ठभूमि
PoSH अधिनियम की नींव सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1997 में दिए गए ‘विशाखा दिशानिर्देशों’ पर आधारित है। इन दिशानिर्देशों ने पहली बार कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न को मौलिक अधिकारों के उल्लंघन के रूप में मान्यता दी और संस्थानों के लिए सुरक्षा उपायों को अनिवार्य बनाया।
आंतरिक समिति (Internal Committee – IC)
PoSH अधिनियम के तहत प्रत्येक ऐसे संस्थान में जहां 10 या अधिक कर्मचारी कार्यरत हों, एक आंतरिक समिति का गठन अनिवार्य है। इसकी प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं—
- अध्यक्ष: एक वरिष्ठ महिला कर्मचारी
- सदस्यों में कम से कम 50% महिलाएं
- एक बाहरी सदस्य (NGO या विशेषज्ञ)
- शिकायतों की जांच और निवारण का अधिकार
यह समिति संस्थान के भीतर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करती है।
स्थानीय समिति (Local Committee – LC)
ऐसे संस्थानों में जहां 10 से कम कर्मचारी हों या जहां शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध हो, वहां जिला स्तर पर स्थानीय समिति का गठन किया जाता है। यह समिति असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए न्याय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
शिकायत निवारण की प्रक्रिया
PoSH अधिनियम के अंतर्गत शिकायत निवारण की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है—
- घटना के 3 महीने के भीतर शिकायत दर्ज की जानी चाहिए
- आंतरिक समिति 90 दिनों के भीतर जांच पूरी करती है
- रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है
- आवश्यकता होने पर सुलह (Conciliation) की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है
SHe-Box पोर्टल इस पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से व्यवस्थित और पारदर्शी बनाता है।
महिलाओं के सशक्तिकरण में SHe-Box की भूमिका
SHe-Box पोर्टल महिलाओं को निम्नलिखित तरीकों से सशक्त बनाता है—
- शिकायत दर्ज करने का सुरक्षित मंच
- गोपनीयता की सुरक्षा
- न्याय तक आसान पहुंच
- मानसिक और सामाजिक समर्थन
- संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित करना
यह पोर्टल महिलाओं में विश्वास पैदा करता है कि उनके अधिकारों की रक्षा के लिए एक प्रभावी तंत्र उपलब्ध है।
कार्यस्थल पर सुरक्षा और आर्थिक विकास का संबंध
महिलाओं की कार्यस्थल पर सुरक्षा सीधे देश के आर्थिक विकास से जुड़ी हुई है। जब महिलाएं सुरक्षित महसूस करती हैं, तो उनकी कार्य क्षमता, उत्पादकता और भागीदारी बढ़ती है। महिला श्रम बल भागीदारी दर (FLFPR) में वृद्धि इसका स्पष्ट प्रमाण है।
सुरक्षित कार्यस्थल:
- उत्पादकता बढ़ाते हैं
- लैंगिक समानता को मजबूत करते हैं
- आर्थिक विकास को गति देते हैं
- सामाजिक न्याय को बढ़ावा देते हैं
डिजिटल गवर्नेंस और SHe-Box
SHe-Box पोर्टल डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप एक उत्कृष्ट ई-गवर्नेंस मॉडल है। यह प्रशासनिक प्रक्रियाओं को—
- तेज
- पारदर्शी
- उत्तरदायी
- सुलभ
बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डिजिटल शिकायत प्रणाली पारंपरिक कागजी प्रक्रिया की तुलना में अधिक प्रभावी और विश्वसनीय है।
चुनौतियां और सुधार की संभावनाएं
हालांकि SHe-Box पोर्टल एक प्रभावी पहल है, फिर भी कुछ चुनौतियां मौजूद हैं—
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी
- डिजिटल साक्षरता का अभाव
- संस्थानों द्वारा समय पर कार्रवाई में देरी
- सामाजिक कलंक और शिकायत दर्ज करने में हिचक
इन चुनौतियों को दूर करने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संस्थागत निगरानी को मजबूत करना आवश्यक है।
भविष्य की दिशा और सुझाव
SHe-Box पोर्टल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा सकते हैं—
- ग्रामीण और असंगठित क्षेत्रों में जागरूकता अभियान
- बहुभाषीय इंटरफेस का विस्तार
- शिकायत निवारण की समय-सीमा का सख्त पालन
- संस्थानों के लिए नियमित ऑडिट
- हेल्पलाइन और काउंसलिंग सेवाओं का एकीकरण
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी प्रणाली
निष्कर्ष
SHe-Box पोर्टल भारत में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल है। यह केवल एक शिकायत पोर्टल नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, समानता और न्याय की रक्षा करने वाला एक सशक्त डिजिटल तंत्र है। PoSH अधिनियम, संवैधानिक मूल्यों और डिजिटल गवर्नेंस के समन्वय से यह पोर्टल एक सुरक्षित, समावेशी और लैंगिक न्यायपूर्ण कार्य वातावरण के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
महिलाओं की बढ़ती कार्यबल भागीदारी के इस युग में SHe-Box पोर्टल की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। यदि इसके प्रभावी क्रियान्वयन, जागरूकता और तकनीकी उन्नयन पर निरंतर ध्यान दिया जाए, तो यह पोर्टल भारत को एक सुरक्षित और समान अवसरों वाले कार्यस्थल समाज की दिशा में आगे बढ़ाने में मील का पत्थर सिद्ध हो सकता है।
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