भारत जैसे विशाल और कृषि-प्रधान देश में किसानों की आय, उत्पादकता और निर्णय क्षमता को सशक्त बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जयपुर स्थित राज्य कृषि प्रबंधन संस्थान (SIAM) से ‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR) नामक एक अभिनव AI-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। यह पहल भारत की कृषि प्रणाली को तकनीक-संचालित, डेटा-आधारित और किसान-केंद्रित बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है।
‘भारत-विस्तार’ (Bharat-VISTAAR) का पूर्ण रूप “Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources” है, जो एक बहुभाषी, एआई-संचालित, वॉयस-फर्स्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसका मुख्य उद्देश्य देश के किसानों को मौसम, मंडी भाव, कीट नियंत्रण, मृदा स्वास्थ्य, सरकारी योजनाओं और कृषि संबंधी वैज्ञानिक सलाह जैसी महत्वपूर्ण जानकारी एक ही मंच पर सरल, सुलभ और स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराना है।
भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) क्या है?
भारत-विस्तार एक एकीकृत डिजिटल कृषि सहायता प्रणाली है, जिसे विशेष रूप से किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म “प्लग-एंड-प्ले” मॉडल पर आधारित है, अर्थात इसे उपयोग करने के लिए किसी जटिल तकनीकी ज्ञान या स्मार्टफोन की आवश्यकता नहीं है।
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी “वॉयस-फर्स्ट AI तकनीक” है, जिसके माध्यम से किसान केवल एक फोन कॉल करके अपनी भाषा में कृषि से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा उन किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो डिजिटल रूप से कम साक्षर हैं या जिनके पास इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
भारत-विस्तार का लक्ष्य केवल सूचना प्रदान करना नहीं है, बल्कि किसानों को डेटा-संचालित निर्णय लेने में सक्षम बनाना, जोखिम कम करना और कृषि उत्पादकता को बढ़ाना भी है।
पहल की पृष्ठभूमि और विकास
भारत-विस्तार पहल का विकास कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री के डिजिटल और आत्मनिर्भर कृषि के विजन के अनुरूप किया गया है। डिजिटल इंडिया, स्मार्ट एग्रीकल्चर और टेक्नोलॉजी-आधारित ग्रामीण विकास की अवधारणा को साकार करने के लिए इस प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है।
इस पहल की घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा की गई थी, जिसमें इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के विकास और विस्तार के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। यह दर्शाता है कि सरकार कृषि क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीक के उपयोग को उच्च प्राथमिकता दे रही है।
भारत-विस्तार का उद्देश्य
भारत-विस्तार का मूल उद्देश्य किसानों को “एक कॉल पर कृषि समाधान” उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत निम्नलिखित प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं—
- किसानों को सटीक और वास्तविक समय की कृषि जानकारी प्रदान करना
- सरकारी योजनाओं तक किसानों की आसान पहुँच सुनिश्चित करना
- कृषि जोखिम को कम करना और उत्पादकता बढ़ाना
- डिजिटल विभाजन (Digital Divide) को कम करना
- स्थानीय भाषा में तकनीकी सलाह उपलब्ध कराना
- कृषि को डेटा-आधारित और वैज्ञानिक बनाना
यह प्लेटफॉर्म किसानों को न केवल जानकारी देता है बल्कि उन्हें सही समय पर सही निर्णय लेने में सहायता भी करता है, जिससे उनकी आय और उत्पादन दोनों में वृद्धि संभव हो सके।
वॉयस-फर्स्ट AI आधारित तकनीक: किसानों के लिए आसान उपयोग
भारत-विस्तार की सबसे क्रांतिकारी विशेषता इसकी Voice-First AI प्रणाली है। भारत में बड़ी संख्या में किसान ऐसे हैं जिनके पास स्मार्टफोन या इंटरनेट की सुविधा नहीं है। ऐसे में यह प्लेटफॉर्म सामान्य फीचर फोन के माध्यम से भी कार्य करता है।
किसान केवल एक साधारण कॉल करके अपनी भाषा में प्रश्न पूछ सकते हैं, जैसे—
- आज का मौसम कैसा रहेगा?
- मंडी में मेरी फसल का भाव क्या है?
- किस कीटनाशक का उपयोग करना चाहिए?
- मेरी भूमि के लिए कौन-सी फसल उपयुक्त है?
AI सहायक किसान की आवाज को समझकर उसे स्थानीय भाषा में बोलकर उत्तर देता है। इससे तकनीक का उपयोग बेहद सरल और सुलभ बन जाता है।
डिजिटल सहायक ‘भारती’: संवादात्मक कृषि AI
भारत-विस्तार प्लेटफॉर्म के भीतर एक अत्याधुनिक संवादात्मक AI सहायक ‘भारती’ को एकीकृत किया गया है। ‘भारती’ एक वर्चुअल कृषि सलाहकार के रूप में कार्य करती है, जो किसानों के प्रश्नों का उत्तर उनकी अपनी भाषा में देती है।
इसकी प्रमुख विशेषताएँ—
- प्राकृतिक भाषा समझने की क्षमता
- बहुभाषीय संवाद
- बोलकर उत्तर देने की सुविधा
- व्यक्तिगत कृषि सलाह
- संदर्भ-आधारित समाधान
‘भारती’ किसानों को उनकी भूमि, मौसम, फसल और स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर अनुकूलित सलाह प्रदान करती है, जिससे खेती अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनती है।
भारत-विस्तार के प्रमुख घटक
भारत-विस्तार को एक समग्र डिजिटल कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय कृषि डेटा प्रणालियों और संस्थानों को एकीकृत किया गया है।
1. Agri-Stack (एग्री-स्टैक)
एग्री-स्टैक किसानों के डेटाबेस, भूमि अभिलेखों और कृषि से संबंधित डिजिटल रिकॉर्ड का एकीकृत मंच है। इसके माध्यम से किसानों की प्रोफाइल, भूमि विवरण और फसल पैटर्न का डेटा सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से उपलब्ध रहता है।
यह डेटा AI को अधिक सटीक और व्यक्तिगत कृषि सलाह देने में सक्षम बनाता है।
2. ICAR (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद)
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित ‘पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज’ को इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसानों तक पहुँचाया जाता है।
इससे किसानों को वैज्ञानिक और प्रमाणित खेती के तरीके अपनाने में मदद मिलती है।
3. IMD (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग)
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा प्रदान किए गए स्थानीय और सटीक मौसम पूर्वानुमान को भारत-विस्तार में एकीकृत किया गया है।
इससे किसान समय पर बुवाई, सिंचाई और कटाई के निर्णय ले सकते हैं।
4. AgMarkNet
AgMarkNet प्लेटफॉर्म से रीयल-टाइम मंडी भाव, बाजार की मांग और फसल कीमतों की जानकारी प्राप्त होती है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सही समय और स्थान का चयन करने में सहायता मिलती है।
5. NPSS (राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली)
राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली के माध्यम से कीटों और रोगों के प्रकोप की पूर्व चेतावनी दी जाती है। इससे फसल को नुकसान से बचाने में सहायता मिलती है और कृषि जोखिम कम होता है।
चरणबद्ध कार्यान्वयन योजना
भारत-विस्तार को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है ताकि इसका प्रभावी और व्यापक विस्तार सुनिश्चित किया जा सके।
चरण-1
पहले चरण में 10 प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं, IMD और AgMarkNet का एकीकरण किया गया है। इससे किसानों को मौसम और बाजार की जानकारी के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की सुविधा भी एक ही मंच पर मिलती है।
चरण-2
मई 2026 तक सभी केंद्रीय योजनाओं का पूर्ण एकीकरण किया जाएगा। इसमें पात्रता जांच, आवेदन प्रक्रिया और शिकायत निवारण प्रणाली को भी शामिल किया जाएगा।
चरण-3
अगले छह महीनों में यह प्लेटफॉर्म अंग्रेजी, हिंदी और 9 क्षेत्रीय भाषाओं सहित कुल 11 भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा। इससे देश के विभिन्न राज्यों के किसानों तक इसकी पहुँच सुनिश्चित होगी।
भारत-विस्तार द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रमुख सेवाएँ
1. सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ
यह प्लेटफॉर्म किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन की स्थिति और लाभ से संबंधित जानकारी प्रदान करता है, जैसे—
- पीएम-किसान सम्मान निधि (PM-KISAN)
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
- मृदा स्वास्थ्य कार्ड (SHC)
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
इन योजनाओं की जानकारी अब किसानों को अलग-अलग कार्यालयों में जाने के बजाय एक ही मंच पर उपलब्ध होगी।
2. शिकायत निवारण प्रणाली
भारत-विस्तार के माध्यम से किसान अपनी समस्याओं और शिकायतों का पंजीकरण कर सकते हैं तथा उनकी स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं।
विशेष रूप से पीएम-किसान से संबंधित शिकायतों के समाधान में यह प्रणाली अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
3. कृषि सलाह और वैज्ञानिक मार्गदर्शन
AI आधारित यह प्लेटफॉर्म किसानों को निम्नलिखित विषयों पर वैज्ञानिक सलाह देता है—
- मिट्टी की उर्वरता के अनुसार खाद की मात्रा
- फसल प्रबंधन
- बीज चयन
- सिंचाई प्रबंधन
- पशुधन प्रबंधन
इससे खेती अधिक टिकाऊ, लाभकारी और वैज्ञानिक बनती है।
4. रियल-टाइम अलर्ट और चेतावनी
भारत-विस्तार किसानों को समय-समय पर अलर्ट भेजता है, जैसे—
- कीटों के हमले की चेतावनी
- अत्यधिक वर्षा या सूखे की सूचना
- तापमान में अचानक बदलाव
- बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव
यह सुविधा किसानों को संभावित जोखिमों से पहले ही सतर्क कर देती है।
कृषि क्षेत्र में डिजिटल समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
भारत में डिजिटल असमानता (Digital Divide) एक बड़ी चुनौती रही है, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में। भारत-विस्तार इस समस्या को दूर करने की दिशा में एक प्रभावी समाधान है।
फीचर फोन आधारित वॉयस सेवा के कारण—
- इंटरनेट की आवश्यकता नहीं
- डिजिटल साक्षरता की जरूरत नहीं
- स्थानीय भाषा में सेवा
- ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुँच
इस प्रकार यह पहल तकनीक को “जन-जन तक” पहुँचाने का कार्य करती है।
किसानों की आय वृद्धि और जोखिम प्रबंधन में भूमिका
भारत-विस्तार किसानों को सही समय पर सही जानकारी प्रदान करके उनकी आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
इसके माध्यम से—
- सही बाजार में फसल बेचने से बेहतर मूल्य प्राप्त होगा
- मौसम की जानकारी से फसल नुकसान कम होगा
- वैज्ञानिक सलाह से उत्पादन बढ़ेगा
- कीट प्रबंधन से लागत कम होगी
इससे कृषि अधिक लाभकारी और स्थायी (Sustainable) बन सकती है।
आत्मनिर्भर कृषि और स्मार्ट फार्मिंग की ओर कदम
भारत-विस्तार स्मार्ट कृषि (Smart Agriculture) और डिजिटल फार्मिंग की दिशा में एक बड़ा कदम है। AI, बिग डेटा और वॉयस तकनीक का संयोजन भारतीय कृषि को पारंपरिक मॉडल से आधुनिक तकनीकी मॉडल की ओर ले जा रहा है।
यह पहल “डिजिटल इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” मिशन के लक्ष्यों को भी मजबूत करती है, क्योंकि यह कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देती है।
भविष्य की संभावनाएँ और विस्तार
आने वाले समय में भारत-विस्तार को और अधिक उन्नत बनाया जा सकता है, जैसे—
- ड्रोन डेटा का एकीकरण
- सैटेलाइट आधारित फसल निगरानी
- AI आधारित उपज पूर्वानुमान
- कृषि ई-मार्केटप्लेस से लिंक
- मोबाइल ऐप और ऑफलाइन मोड
यदि इसे राज्यों की कृषि प्रणालियों से पूर्ण रूप से जोड़ा जाता है, तो यह भारत का सबसे बड़ा डिजिटल कृषि सहायता प्लेटफॉर्म बन सकता है।
निष्कर्ष
भारत-विस्तार (Bharat-VISTAAR) भारत की कृषि प्रणाली में डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। यह न केवल किसानों को तकनीक से जोड़ता है, बल्कि उन्हें सशक्त, जागरूक और आत्मनिर्भर भी बनाता है। वॉयस-फर्स्ट AI, बहुभाषीय सुविधा, वैज्ञानिक कृषि सलाह और सरकारी योजनाओं के एकीकृत मंच के रूप में यह प्लेटफॉर्म कृषि क्षेत्र की कई पुरानी समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करता है।
यह पहल विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है, जो सूचना की कमी, बाजार असमानता और तकनीकी बाधाओं से जूझते रहे हैं।
दीर्घकालिक दृष्टि से देखा जाए तो भारत-विस्तार न केवल कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगा, बल्कि यह भारत को डिजिटल, स्मार्ट और आत्मनिर्भर कृषि राष्ट्र बनाने की दिशा में एक सशक्त आधार भी प्रदान करेगा। इस प्रकार, यह पहल भारतीय कृषि के भविष्य को तकनीक-संचालित, समावेशी और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है।
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